नीमच। जिले में सर्राफा कारोबार अब नए नियमों और पारदर्शिता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। शुक्रवार को शहर में आयोजित एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम में स्पष्ट किया गया कि अब बिना एचयूआईडी और हॉलमार्क वाले सोने के आभूषणों की बिक्री नियमों के विरुद्ध मानी जाएगी।

ज्वेलर्स को दी गई बीआईसी नियमों की जानकारी-
शहर के नमो सैंडविच रेस्टोरेंट में आयोजित कार्यक्रम में भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईसी) के अधिकारी हरिओम मीणा ने सर्राफा व्यापारियों को बीआईसी रजिस्ट्रेशन, हॉलमार्किंग एवं उपभोक्ता सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 से नीमच जिला अनिवार्य हॉलमार्किंग श्रेणी में शामिल हो चुका है। ऐसे में जिले के सभी ज्वेलर्स के लिए बीआईसी रजिस्ट्रेशन एवं एचयूआईडी प्रणाली अपनाना जरूरी होगा।

एचयूआईडी से नकली सोने पर लगेगी रोक-
कार्यक्रम में बताया गया कि एचयूआईडी प्रणाली लागू होने से प्रत्येक आभूषण की अलग पहचान संभव होगी, जिससे नकली और मिलावटी सोने की बिक्री पर प्रभावी रोक लग सकेगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना बीआईसी रजिस्ट्रेशन व्यापार करना अब जोखिम भरा हो सकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई भी की जाएगी।

150 में से सिर्फ 49 व्यापारियों ने कराया रजिस्ट्रेशन-
जानकारी के अनुसार जिले में करीब 150 लाइसेंसधारी सर्राफा व्यापारी हैं, लेकिन इनमें से केवल 49 व्यापारियों ने ही बीआईसी रजिस्ट्रेशन कराया है। अधिकारियों ने बताया कि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क है।

उपभोक्ताओं से भी की गई अपील-
बीआईसी अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से केवल हॉलमार्क और एचयूआईडी युक्त आभूषण खरीदने तथा खरीदारी के समय बिल अवश्य लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ग्राहकों के लिए भी जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, ताकि बाजार में पारदर्शिता और भरोसा बढ़ सके।

ये रहे उपस्थित-
कार्यक्रम में बीआईसी इंस्पेक्टर आकांक्षा मिश्रा, सर्राफा एसोसिएशन के पदाधिकारी राजेंद्र गोयल, सौरभ विरानी सहित बड़ी संख्या में ज्वेलर्स उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन संदीप चौधरी ने किया।
