उज्जैन। पश्चिम एशिया संकट और बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल का कम उपयोग करने की अपील का असर अब उज्जैन में भी दिखाई देने लगा है। महापौर मुकेश टटवाल ने प्रति शुक्रवार अपनी कार छोड़कर ई-रिक्शा, पैदल या इलेक्ट्रिक वाहन से सफर करने का फैसला किया है।
शुक्रवार सुबह महापौर मुकेश टटवाल ई-रिक्शा से कोठी रोड स्थित अटल पार्क पहुंचे। यहां उन्होंने आम लोगों से मुलाकात कर बैटरी चालित वाहनों के उपयोग और पेट्रोल-डीजल की बचत का संदेश दिया। इसके बाद उन्होंने शहर के तीन अलग-अलग वार्डों का निरीक्षण भी ई-रिक्शा से ही किया।
वैश्विक संकट खत्म होने के बाद भी पहल जारी रहेगी
महापौर ने कहा कि ईरान-अमेरिका युद्ध और वैश्विक परिस्थितियों के चलते देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाए रखने के लिए ईंधन की बचत जरूरी है। प्रधानमंत्री की अपील को ध्यान में रखते हुए उन्होंने हर शुक्रवार ई-रिक्शा का उपयोग करने का निर्णय लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि संभव हुआ तो वैश्विक संकट खत्म होने के बाद भी यह पहल जारी रखी जाएगी।
अधिकारियों और पार्षदों से भी अपील
महापौर टटवाल ने नगर निगम के अधिकारियों और पार्षदों से भी सप्ताह में एक दिन अपनी निजी या सरकारी कार छोड़कर ई-रिक्शा, पैदल या इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने बताया कि नगर निगम के 45 अधिकारियों के पास कार उपलब्ध है और यदि सभी सप्ताह में एक दिन वैकल्पिक साधनों का उपयोग करें तो करीब 250 लीटर पेट्रोल प्रति सप्ताह बचाया जा सकता है।