छतरपुर। सागर कानपुर फोरलेन सड़क निर्माण कर रही कंपनी के एक फील्ड ऑफिसर के अपहरण और फिरौती का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपियों ने पहले फील्ड ऑफिसर के साथ मारपीट की, फिर उसका अपहरण कर 50 लाख रुपए की फिरौती मांगी। कंपनी द्वारा 10 लाख रुपए खाते में ट्रांसफर करने के बाद भी आरोपियों ने उसे नहीं छोड़ा। पुलिस ने देर रात जंगल में घेराबंदी कर अपहृत को सुरक्षित बरामद कर लिया। मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी फरार बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, एमकेसी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर संजय सोढ़ी पिता बृजमोहन सोनी ने थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि कंपनी के फील्ड ऑफिसर रामखिलाड़ी शर्मा निवासी मुरैना का भान सिंह यादव, विशाल यादव और उनके एक साथी ने अपहरण कर लिया है। आरोपियों ने फोन कर 50 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी।
पुलिस के अनुसार, कंपनी द्वारा दबाव में आकर 10 लाख रुपए आरोपियों के खाते में ट्रांसफर किए गए, लेकिन इसके बाद भी अपहृत को नहीं छोड़ा गया। शिकायत मिलते ही पुलिस ने अपहरण और फिरौती की धाराओं में मामला दर्ज कर देर शाम से पूरी रात आरोपियों की तलाश शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के परिजनों, दोस्तों और परिचितों से पूछताछ की। तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन के आधार पर पुलिस ने सटई थाना क्षेत्र के जंगलों में घेराबंदी की, जहां से अपहृत रामखिलाड़ी शर्मा को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। हालांकि आरोपी अंधेरे और पहाड़ी इलाके का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने संदेह के आधार पर एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। बाद में मामले में दो मुख्य आरोपी भान सिंह यादव और विशाल यादव के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की गई। पुलिस ने फिरौती के लिए इस्तेमाल किए गए बैंक खाते को भी फ्रीज करा दिया है, ताकि रकम का ट्रांजेक्शन न हो सके।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विवाद मिट्टी सप्लाई के भुगतान को लेकर था। आरोपी कंपनी को मिट्टी सप्लाई करते थे और भुगतान को लेकर फील्ड ऑफिसर से नाराज थे। आरोपियों का कहना था कि उनका 50 हजार रुपए का नुकसान हुआ है, जिसके एवज में वे 50 लाख रुपए की मांग कर रहे थे।