शाजापुर। जिले के पोलायकला खड़ी जोड़ स्थित गेहूं उपार्जन केंद्र सायलो पर इन दिनों अव्यवस्थाओं का आलम बना हुआ है। समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने पहुंचे किसानों को घंटों नहीं बल्कि दिन रात तक इंतजार करना पड़ रहा है। उपार्जन केंद्र के बाहर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लगी हुई हैं, जिससे क्षेत्र में दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। किसानों और राहगीरों दोनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार उपार्जन केंद्र पर गेहूं की तौल और परिवहन कार्य धीमी गति से होने के कारण किसानों की ट्रॉलियां समय पर खाली नहीं हो पा रही हैं। स्थिति यह है कि केंद्र के बाहर करीब 5 किलोमीटर तक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी लाइन लगी हुई है। सड़क के दोनों ओर खड़े वाहनों के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है और छोटे वाहन चालकों को निकलने तक में दिक्कत हो रही है। भीषण गर्मी के बीच किसान खुले आसमान के नीचे घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं। किसान मोहन राणा अरनियाकला सहित किसानो का आरोप है कि उपार्जन केंद्र पर पीने के पानी, छाया और बैठने जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। किसानों ने बताया कि उन्हें टैंकर के माध्यम से पानी पिलाया जा रहा है, जबकि इतनी बड़ी संख्या में किसानों के आने के बावजूद स्थायी पेयजल व्यवस्था नहीं की गई है।
कई किसानों ने बताया कि रातभर ट्रैक्टर-ट्रॉली में ही रुकना पड़ रहा है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ आए किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। किसानों का कहना है कि शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं पूरी तरह नाकाम नजर आ रही हैं।
स्थानीय किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि उपार्जन केंद्र पर अतिरिक्त कर्मचारियों की व्यवस्था की जाए और तौल कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि किसानों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। साथ ही इस भीषण गर्मी मे पेयजल, छाया तक जैसी आवश्यक सुविधाएं तक उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।
वही सायलो मेनेजर का कहना है कि सुनील चिड़वादिया का कहना है कि अधिक केन्द्रो को सम्मलित कर देने अव्यवस्था हो गई है शीघ्र सुधार लिया जायेगा वही किसानों का कहना है कि यदि जल्द व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों को इस और ध्यान देना चाहिए।