देवास। मध्य प्रदेश के देवास में हुए भीषण पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में श्रम विभाग की शुरुआती जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। इस हादसे को लेकर श्रम मंत्री प्रह्लाद पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि तकनीकी तौर पर दुर्घटना की मुख्य वजह मैग्नीशियम पाउडर की केमिकल रिएक्शन हो सकती है।
दो कारणों से हादसे की आशंका
आशंका जताई जा रही है कि निर्माण प्रक्रिया के दौरान मैग्नीशियम पाउडर का पानी से संपर्क हो गया, जिससे यह जोरदार धमाका हुआ। इसके अलावा, एक थ्योरी यह भी है कि इस बारूद की हैंडलिंग के दौरान स्टैटिक चार्ज डेवलप हो गया, जिसने श्सेल्फ इग्निशनश् (स्वतः आग पकड़ने) का काम किया। फिलहाल मौके से सबूत जुटाकर बयानों के आधार पर विस्तृत जांच की जा रही है।
फैक्ट्री का निर्माण पूरा नहीं हुआ, फिर भी बने पटाखे
श्रम विभाग की इस शुरुआती रिपोर्ट ने प्रबंधन की उन गंभीर लापरवाहियों को भी उजागर कर दिया है, जो इस हादसे की नींव बनीं। रिपोर्ट के मुताबिक, यह कारखाना अभी पूरी तरह बनकर तैयार भी नहीं हुआ था।
निर्माणाधीन कारखाने में ही बेहद जल्दबाजी दिखाते हुए पटाखों का विनिर्माण काम शुरू कर दिया गया था। यानी जब बुनियादी सुरक्षा ढांचे की टेस्टिंग होनी चाहिए थी, तब वहां धड़ल्ले से बारूद का खेल चल रहा था।