नीमच। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के पक्ष में दिए गए फैसले पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका एकता यूनियन सीटू ने खुशी जाहिर की है। यूनियन ने इसे आंगनबाड़ी कर्मियों के हक में ऐतिहासिक निर्णय बताया है।
यूनियन की राज्य महासचिव किशोरी वर्मा, जिला अध्यक्ष वीणा पथरोड़ एवं महासचिव सुषमा गुप्ता ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि वर्ष 2018 में राज्य सरकार द्वारा मानदेय 10 हजार रुपए किए जाने के बाद केंद्र सरकार ने भी 1500 रुपए की वृद्धि की थी, लेकिन वर्ष 2019 में राज्य सरकार ने यह राशि समायोजित नहीं की। इसके चलते कर्मियों को 11,500 रुपए के बजाय केवल 10 हजार रुपए मानदेय मिल रहा था।
इस मामले में यूनियन द्वारा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर में याचिका दायर की गई थी। न्यायालय ने 21 अप्रैल 2026 को दिए फैसले में कटे हुए 1500 रुपए प्रतिमाह का लगभग 87 माह का एरियर 6 प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान करने के आदेश दिए हैं।
इसके अलावा ग्रेच्युटी भुगतान को लेकर सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2022 के फैसले के आधार पर हाईकोर्ट ने भी आंगनबाड़ी कर्मियों को ग्रेच्युटी देने के निर्देश जारी किए हैं। न्यायालय ने सरकार को छह माह के भीतर आदेश लागू करने को कहा है।
यूनियन ने महिला एवं बाल विकास विभाग तथा राज्य सरकार से न्यायालय के आदेशों को शीघ्र लागू करने की मांग की है। फैसले के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं में खुशी का माहौल है।