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May 16, 2026, 3:37 pm
KHABAR : जिले के 7797 हैंडपंपों पर हुई कलर मार्किंग, पानी की उपलब्धता और गुणवत्ता के आधार पर रंगों से किया जा रहा चिन्हांकन, पढ़े खबर 

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रतलाम। कलेक्टर मिशा सिंह के निर्देशानुसार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित हैंडपंपों की पानी की उपलब्धता एवं गुणवत्ता के आधार पर कलर मार्किंग की जा रही है। इस अभियान के तहत जिले के 1050 गांवों में स्थापित कुल 9390 हैंडपंपों में से 7797 हैंडपंपों पर रंग चिन्हांकन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।

कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एसआर जांगड़े ने बताया कि वर्षभर सुचारू रूप से चलने वाले हैंडपंपों को हरे रंग से चिन्हित किया गया है, जिनकी संख्या 3772 है। रुक-रुक कर चलने वाले हैंडपंपों को पीले रंग से दर्शाया गया है, जिनकी संख्या 3816 है। वहीं गुणवत्ता प्रभावित एवं पीने योग्य नहीं पाए गए 209 हैंडपंपों को लाल रंग से चिन्हित किया गया है। शेष हैंडपंपों पर कलर मार्किंग का कार्य प्रगति पर है।

रतलाम विकासखंड में कुल 2656 हैंडपंपों में से 2238 पर रंग चिन्हांकन किया गया है। इनमें 1005 हैंडपंप वर्षभर चलने वाले, 1188 रुक-रुक कर चलने वाले तथा 45 गुणवत्ता प्रभावित पाए गए हैं।

सैलाना विकासखंड में 1716 हैंडपंपों में से 1513 पर कलर मार्किंग की गई है। इनमें 912 हैंडपंप वर्षभर संचालित होने वाले, 585 रुक-रुक कर चलने वाले तथा 16 पीने योग्य नहीं पाए गए हैं।

बाजना विकासखंड में कुल 1775 हैंडपंपों में से 1448 पर रंग चिन्हांकन किया गया है। इनमें 831 हैंडपंप वर्षभर चलने वाले, 486 रुक-रुक कर चलने वाले तथा 131 गुणवत्ता प्रभावित हैंडपंप शामिल हैं।

जावरा विकासखंड में 1476 हैंडपंपों में से 1173 पर कलर मार्किंग की गई है। इनमें 362 वर्षभर संचालित, 805 रुक-रुक कर चलने वाले तथा 6 गुणवत्ता प्रभावित हैंडपंप हैं।

पिपलोदा विकासखंड में कुल 745 हैंडपंपों में से 625 पर रंग चिन्हांकन किया गया है। इनमें 287 वर्षभर चलने वाले, 332 रुक-रुक कर चलने वाले तथा 6 पीने योग्य नहीं पाए गए हैं।

आलोट-ताल क्षेत्र में कुल 1022 हैंडपंपों में से 800 पर कलर मार्किंग की गई है। इनमें 375 वर्षभर चलने वाले, 420 रुक-रुक कर चलने वाले तथा 5 गुणवत्ता प्रभावित हैंडपंप शामिल हैं।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अनुसार इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण नागरिकों को पेयजल की स्थिति एवं गुणवत्ता की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि लोग सुरक्षित पेयजल का उपयोग कर सकें।

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