झाबुआ। कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट की अध्यक्षता में महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, पोषण संबंधी गतिविधियों एवं मैदानी अमले के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान कलेक्टर ने खराब प्रदर्शन पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने लाड़ली लक्ष्मी योजना एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा की। उन्होंने दोनों योजनाओं में खराब प्रदर्शन करने वाले बॉटम-10 सुपरवाइजरों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही विगत वर्ष एवं अप्रैल माह में योजनाओं के क्रियान्वयन में कमजोर प्रगति पाए जाने पर सीडीपीओ झाबुआ को भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने फेस रिकग्निशन, अपार आईडी, हॉट कुक्ड मील एवं टीएचआर वितरण की समीक्षा की। उन्होंने अप्रैल माह में मात्र 58 प्रतिशत हॉट कुक्ड मील वितरण पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। पारा सेक्टर में केवल 5 प्रतिशत वितरण पाए जाने पर संबंधित सेक्टर सुपरवाइजर से लापरवाही का कारण पूछा गया। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित सुपरवाइजर को नोटिस जारी करने एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सीबीई एवं वीएचएसएनडी सत्रों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को वीएचएसएनडी सत्र शत-प्रतिशत आयोजित किए जाएं। मेघनगर क्षेत्र में निर्धारित सत्र पूर्ण नहीं होने पर दो सुपरवाइजरों को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में जिले में SAM श्रेणी के 613 एवं MAM श्रेणी के 3838 बच्चों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने कुपोषण कम करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही बच्चों के लिए थर्ड मील उपलब्ध कराने हेतु शासन स्तर से विशेष रेसिपी आधारित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को समय पर वेतन भुगतान किया जाए तथा रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाए। उन्होंने समस्त मैदानी अमले को मंगलवार एवं शुक्रवार को अनिवार्य रूप से फील्ड में उपस्थित रहने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ियों में बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। कार्यकर्ताओं को बच्चों की ऊंचाई एवं वजन मापन की सही जानकारी होना आवश्यक है। सक्षम आंगनवाड़ियों में टीवी नियमित रूप से संचालित हों तथा बच्चों के लिए पोषण, खेलकूद एवं मनोरंजन संबंधी सामग्री उपलब्ध कराई जाए। प्रत्येक सेक्टर में कम से कम 5 से 6 आंगनवाड़ियों को आदर्श आंगनवाड़ी के रूप में विकसित करने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने पोषण ट्रैकर एवं अन्य तकनीकी कार्यों के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण आयोजित करने तथा दक्ष कार्यकर्ताओं को मास्टर ट्रेनर के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।
बैठक में सहायक कलेक्टर आयुषी बंसल, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग आर.एस. बघेल, सहायक संचालक अजय चौहान, सहायक संचालक वर्षा चौहान, सहायक संचालक बालूसिंह सस्तीया, सीडीपीओ एवं संबंधित सेक्टर सुपरवाइजर उपस्थित रहे।