मनासा। क्षेत्र के महागढ़ गांव में नाली निर्माण को लेकर हुए विवाद के बाद एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से शनिवार को तनाव की स्थिति बन गई। आक्रोशित परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी एवं आर्थिक सहायता की मांग को लेकर मंदसौर नाका चौराहे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। पुलिस ने मामले में तीन संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है तथा परिजनों को सहायता दिलाने का आश्वासन देकर जाम समाप्त करवाया।
मृतक की पहचान राजू पिता रामकिशन धनगर निवासी महागढ़ के रूप में हुई है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर पुलिस ने श्यामूबाई पति मांगीलाल धनगर, घनश्याम धनगर एवं जगदीश धनगर निवासी महागढ़ को पूछताछ एवं प्रारंभिक जांच के लिए थाने लाया है।
जानकारी के अनुसार 14 मई को मृतक राजू का आरोपियों के साथ घरेलू विवाद हुआ था, जिसकी रिपोर्ट थाने में दर्ज करवाई गई थी। इसके बाद 15 मई की रात को पुनः विवाद होने की बात सामने आई, जिसमें आरोपियों द्वारा मृतक को कथित रूप से धमकी दी गई थी। विवाद के बाद से ही राजू लापता था।
आम के पेड़ पर लटका मिला शव-
शनिवार दोपहर करीब 1 बजे राजू का शव उसके घर से लगभग 500 मीटर दूर एक आम के पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों एवं ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।
परिजनों का आरोप है कि विवाद एवं धमकियों के चलते ही राजू की मौत हुई है। विरोध स्वरूप उन्होंने मंदसौर नाका चौराहे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया तथा आरोपियों की गिरफ्तारी एवं परिवार के भरण-पोषण के लिए आर्थिक सहायता की मांग की।
मृतक के परिजन राहुल धनगर ने बताया कि राजू परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। परिवार में बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी एवं चार बेटियां हैं, जिनमें तीन नाबालिग हैं। पूरा परिवार मजदूरी पर निर्भर था और आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों संदिग्धों को जांच के लिए हिरासत में लिया है। मनासा थाना प्रभारी नीलेश अवस्थी ने बताया कि परिजनों को समझाइश देने के बाद चक्काजाम समाप्त करवाया गया है तथा मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।