सतना। जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन में बारदानों (खाली बोरियों) की कमी आड़े आ रही है। कई खरीदी केंद्रों पर बारदाने नहीं होने से किसान अपनी उपज नहीं बेच पा रहे हैं। आलम यह है कि किसानों के स्लॉट बुकिंग और टोकन की समय-सीमा भी निकल चुकी है।
शहर से लगे लगरगवां खरीदी केंद्र में पिछले छह दिनों से सैकड़ों किसान अपनी उपज लेकर बारदानों के आने का इंतजार कर रहे हैं। इस वजह से उनकी गेहूं की फसल खुले में पड़ी है।
बांधी मौहार से गेहूं बेचने आए किसान धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि 11 मई से केंद्र में बारदानों का स्टॉक खत्म है। उनकी आधी ट्रॉली उपज तो तौल ली गई है, लेकिन बारदाने नहीं होने के कारण आधी ट्रॉली अनाज अभी भी बचा हुआ है। उनके स्लॉट और टोकन की तारीख भी निकल चुकी है, जिससे वे असमंजस में हैं।
बारी-बारी से उपज की रखवाली कर रहे
गुड़ुआ के किसान प्रवीण दहिया किराए के ट्रैक्टर-ट्रॉली में गेहूं लेकर केंद्र पहुंचे थे। उनकी उपज केंद्र में पड़ी है, लेकिन बारदाने नहीं होने से तौल नहीं हो पा रही है। परिवार के सदस्य बारी-बारी से उपज की रखवाली कर रहे हैं।
किसानों ने बताया कि जब समिति प्रबंधक से बारदानों के बारे में जानकारी ली जाती है, तो वे एक-दो दिन का हवाला देकर टाल देते हैं। किसानों ने जिला प्रशासन से जल्द बारदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि खराब होते मौसम में उनकी मेहनत पर पानी न फिरे।