रतलाम। राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशानुसार जिला मुख्यालय पर डेंगू नियंत्रण एवं रोकथाम को लेकर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में डेंगू उन्मूलन के लिए मैदानी स्तर पर सघन अभियान चलाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यशाला का आयोजन जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. देवेन्द्र मौर्य, जिला सलाहकार प्रमोद प्रजापति एवं जिला कम्युनिटी मोबिलाइज़र कमलेश मुवेल की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य आगामी वर्षा ऋतु से पहले शहर में मच्छरों के प्रजनन पर रोक लगाना तथा अंतर-विभागीय समन्वय से प्रभावी अभियान चलाना रहा।
आशा कार्यकर्ता और नगर निगम अमला रहा शामिल-
कार्यशाला में शहरी वार्डों की आशा कार्यकर्ता, मलेरिया विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा नगर निगम के स्वच्छता निरीक्षक उपस्थित रहे। सभी को डेंगू नियंत्रण की रणनीति एवं जिम्मेदारियों से अवगत कराया गया।
“हर रविवार डेंगू पर वार” अभियान पर जोर-
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. देवेन्द्र मौर्य ने कहा कि डेंगू से बचाव ही इसका सबसे बड़ा उपचार है। उन्होंने निर्देश दिए कि नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान करें तथा फॉगिंग और लार्वा सर्वे का सघन अभियान चलाएं।
ड्राय-डे अभियान से रोकेंगे लार्वा का प्रजनन-
जिला सलाहकार प्रमोद प्रजापति ने तकनीकी सत्र में कहा कि लार्वा नियंत्रण सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने नागरिकों को हर सप्ताह घरों में कूलर, टंकी, गमले एवं कबाड़ में जमा पानी को खाली करने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया।
आशा कार्यकर्ताओं को सौंपी गई जिम्मेदारी-
मैदानी रणनीति के तहत आशा कार्यकर्ताओं को घर-घर सर्वे की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें निर्देश दिए गए कि वे घरों में पानी की जांच करें, जमा पानी में एंटी-लार्वा दवा का छिड़काव करें तथा बुखार के मरीजों को तुरंत शासकीय अस्पताल भेजें।
डेंगू रोकथाम की शपथ दिलाई गई-
कार्यशाला के समापन पर सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आशा कार्यकर्ताओं को डेंगू बचाव एवं नियंत्रण की शपथ दिलाई गई। सभी ने अपने क्षेत्र में जागरूकता फैलाने और जलजमाव रोकने का संकल्प लिया।
स्वास्थ्य विभाग की अपील-
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं जिला मलेरिया विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे अपने आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी का उपयोग करें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें तथा तेज बुखार या बदन दर्द होने पर तुरंत नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र में जांच एवं उपचार करवाएं।