रतलाम। जिले से जहां सरकारी जमीन पर लंबे समय से अतिक्रमण के केस में सादाखेड़ी के सरपंच ईश्वरलाल चंद्रवंशी को जिला पंचायत सीईओ ने पद से हटाया था। उसी अतिक्रमण को प्रशासन ने बुधवार दोपहर ध्वस्त कर दिया है। इस दौरान थोड़ी बहुत कहा सुनी हुई और सरपंच ने पटवारी दल से कहा कि अन्य लोगों के द्वार भी अतिक्रम किया गया उन्हें क्यों नहीं हटाया गया है।
यदि 15 दिन में वह सारा अतिक्रमण नहीं हटाया तो नौकरी खा जाऊंगा। वहीं भीम आर्मी व बहुजन समाज ने मामले में राजनीतिक दबाव में दलित सरपंच पर गलत कार्रवाई का आरोप लगाया। 22 मई को रतलाम में धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी जारी की।
ग्राम सादाखेड़ी में नपा ट्रेंचिंग ग्राउंड के पास सरकारी भूमि पर सरपंच ईश्वरलाल चंद्रवंशी के नाम से 0.41 हेक्टेयर में अतिक्रमण चिन्हित था। मामले में 19 मई 2025 को ही बेदखली आदेश तहसील न्यायालय से हो चुके थे लेकिन मौके पर अतिक्रमण नहीं हटा था। इसको लेकर रतलाम निवासी एक मीडियाकर्मी ने शिकायत कर दी तो जिला पंचायत सीईओ वैशाली जैन ने जांच के बाद 30 अप्रैल 2026 को सरपंच को धारा 40 के तहत पद से हटा दिया था। इसके खिलाफ सरपंच हाईकोर्ट पहुंचे और वहां से 14 मई को स्टे भी मिल गया। इससे सरपंच की कुर्सी तो बच गई लेकिन अब प्रशासन ने अतिक्रमण हटा दिया है।
सरपंच का कहना है कि ये अतिक्रमण मैंने नहीं किया बल्कि पिता ने किया था। जो उनके निधन के बाद मेरे नाम से दर्ज हो गया। फिर भी मैं हटाने को तैयार था लेकिन पहले पूरे गांव में जो अतिक्रमण है वह तो हटाएं। गुरुवार को भी यही बात कही। वहीं भीम आर्मी के मोहन परिहार ने वीडियो बयान जारी करते हुए सरपंच के समर्थन में 22 मई को रतलाम में प्रदर्शन की बात कही
वही जावरा तहसीलदार सहदेव मौरे ने बताया कि आरआई सुनील अवस्या के नेतृत्व में पटवारी दल मौके पर भेजा था जिसने कार्रवाई की है। वहां करीब 30 बाय 30 यानी 900 वर्ग फीट एरिया में ईंट-सीमेंट से दीवारें खड़ी कर शेड रूपी मकान बना रखा था। इसे हटाया है और जो खुली भूमि कृषि के कार्य में उपयोग की जा रही थी, उसे भी अतिक्रमण से मुक्त करवाया है। मौके पर एक ट्यूबवेल भी था जिसका कनेक्शन काट दिया तथा इसे सचिव की सुपुर्दगी में दिया है। वैसे बताया जा रहा है यह ट्यूबवेल नपा ट्रेंचिंग ग्राउंड की सीमा में है। इसलिए नपा को भी सरकारी उपयोग के लिए सौंपा जा सकता है। हालांकि नपा के कोई अधिकारी-कर्मचारी सूचना के बावजूद मौके पर नहीं पहुंचे थे और उनकी भूमि पर अतिक्रमण है, इसकी शिकायत भी आज तक नहीं की।