रतलाम। अपने साथी पटवारी पर हुए कायरतापूर्ण और गंभीर जानलेवा हमले के विरोध में, तथा हम सभी की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए *सोमवार, 27 जुलाई 2026* को आलोट में एक विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है। इस घटना में हमारे घायल साथी के दोनों हाथों की हड्डियां टूट चुकी हैं, वे वर्तमान में आईसीयू (ICU) में जीवन का सबसे कठिन संघर्ष कर रहे हैं। यह लड़ाई सिर्फ एक घायल साथी के इलाज की नहीं है, बल्कि हम में से प्रत्येक पटवारी के जीवन, आत्मसम्मान और सुरक्षा की है।
आप सभी पटवारी साथियों से सादर एवं पुरजोर अपील है कि इस एकता के महाअभियान में अपनी उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें, ताकि प्रशासन हमारी एकजुटता और ताकत का सही आकलन कर सके।
*प्रमुख मांगें एवं ज्ञापन के मुख्य बिंदु
1. उच्चस्तरीय चिकित्सा एवं आर्थिक सहायता:
जिला प्रशासन हमारे घायल साथी के समुचित और उच्चस्तरीय इलाज का संपूर्ण व्यय वहन करे तथा पीड़ित परिवार को त्वरित आर्थिक सहायता प्रदान करे।
2. अपराधियों का सार्वजनिक जुलूस:
शासकीय कर्तव्य निभा रहे कर्मचारी पर प्राणघातक हमला करने वाले उपद्रवियों का प्रशासन द्वारा सार्वजनिक जुलूस निकाला जाए, ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए और भविष्य में कोई भी कानून को हाथ में लेने का दुःसाहस न करे।
3. अवैध निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई:
घटना में संलिप्त आरोपियों और माफियाओं के अवैध निर्माणों को तत्काल ध्वस्त किया जाए, जिससे अपराधियों के हौसले पस्त हों और शासकीय सेवकों पर हाथ उठाने से पहले वे सौ बार सोचें।
4. वेतन संरक्षण और प्रशासनिक उत्पीड़न पर रोक:
हताहत पटवारी का अवकाश अवधि का किसी भी परिस्थिति में वेतन न रोका जाए तथा मैदानी स्तर पर हो रहे प्रशासनिक उत्पीड़न पर पूर्ण विराम लगाया जाए।
5. अवैध खनन की व्यक्तिगत जिम्मेदारी से मुक्ति:
जिले में पटवारियों पर पूर्व में भी ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं। अतः अवैध खनन रोकने की सीधी व्यक्तिगत जिम्मेदारी से पटवारियों को मुक्त रखा जाए। पटवारी का कार्य केवल अवैध गतिविधियों की सूचना संबंधित विभाग को देना होना चाहिए।
6. संबंधित विभागों द्वारा वैधानिक कार्रवाई:
अवैध खनन एवं इस प्रकार की गतिविधियों पर कार्रवाई करने का अधिकार खनन विभाग या अन्य संबंधित सक्षम विभागों का है। पटवारियों को जबरन जोखिम भरी स्थितियों में न धकेला जाए।
7. आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी:
घटना में शामिल सभी फरार आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर कठोरतम धाराओं के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई की जाए।