नीमच। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (मध्याह्न भोजन) योजना एवं आंगनवाड़ी पूरक पोषण आहार योजना का संचालन कर रहे महिला स्वयं सहायता समूहों और रसोईया बहनों ने शुक्रवार को अपनी विभिन्न मांगों एवं समस्याओं के निराकरण को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा।
महिला स्वयं सहायता समूह महासंघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में योजनाओं के प्रभावी संचालन, आर्थिक समस्याओं के समाधान तथा रसोईया बहनों के हितों से जुड़ी 12 प्रमुख मांगें रखी गईं। महासंघ ने बताया कि जिले में महिला समूह लंबे समय से मध्याह्न भोजन एवं आंगनवाड़ी पोषण आहार योजनाओं का सफल संचालन कर रहे हैं, लेकिन उन्हें कई व्यावहारिक एवं आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में भोजन एवं पोषण आहार निर्माण के लिए पर्याप्त गैस कनेक्शन एवं सिलेंडर उपलब्ध कराने तथा गैस रिफिलिंग प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की गई। साथ ही भोजन पकाने की लागत राशि एवं खाद्यान्न सामग्री समय पर उपलब्ध कराने तथा विद्यार्थियों एवं हितग्राहियों की वास्तविक उपस्थिति के आधार पर भुगतान सुनिश्चित करने की बात कही गई।
महिलाओं ने रसोईया बहनों का मानदेय प्रत्येक माह निर्धारित तिथि पर देने तथा वर्तमान मानदेय में वृद्धि करने की मांग भी उठाई। उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर छात्र संख्या कम होने का हवाला देकर वर्षों से कार्यरत रसोईया बहनों को कार्य से पृथक किया जा रहा है, जिससे उनके रोजगार पर संकट उत्पन्न हो रहा है। ऐसे मामलों में रोजगार सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई।
महासंघ ने कार्य के दौरान दुर्घटना या अप्रिय घटना होने पर तत्काल आर्थिक सहायता तथा कम से कम एक लाख रुपये का निःशुल्क बीमा कवरेज उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। इसके अलावा समूह अनुबंध नवीनीकरण प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने, भुगतान में होने वाली देरी समाप्त करने तथा बढ़ती महंगाई को देखते हुए भोजन पकाने की लागत राशि, खाद्यान्न की मात्रा एवं रसोईया मानदेय बढ़ाने की मांग की गई।
ज्ञापन में महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार, सामाजिक सुरक्षा एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं का प्राथमिकता के आधार पर लाभ देने की मांग भी की गई। महासंघ ने शासन से मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।