चित्तौड़गढ़/बेंगलुरु। केंगेरी में जैन दिवाकरीय चौथमल महाराज की परंपरा के प्रतिष्ठित संत राष्ट्र संत कमलमुनि ‘कमलेश’ एवं अभिजीतमुनि के पावन सान्निध्य में जैन भगवती दीक्षा समारोह श्रद्धा और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। श्री स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, संजयनगर (बेंगलुरु) एवं अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच के तत्वावधान में आयोजित इस समारोह में मुमुक्षु रूपेश ने सांसारिक जीवन का त्याग कर संयम मार्ग को अपनाया और दीक्षा के पश्चात उनका नाम ‘संत रविमुनि’ रखा गया।
इस अवसर पर राष्ट्र संत कमलमुनि ‘कमलेश’ ने कहा कि साधना, सादगी, संयम और सहजता का प्रतीक है। धर्म को दिखावे और आडंबर से नहीं, बल्कि भाव, संस्कार और चरित्र से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि त्याग और आत्मकल्याण का मार्ग ही वास्तविक सुख की ओर ले जाता है तथा दीक्षा समारोह समाज को आध्यात्मिक जीवन अपनाने की प्रेरणा देता है।
दीक्षा से पूर्व भावुक हुए मुमुक्षु रूपेश ने कहा कि गुरुदेव की कृपा से उन्हें आत्मकल्याण और संयम के मार्ग पर चलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने इसे अपने जीवन का सबसे महत्वपूर्ण क्षण बताया। दीक्षा विधि के दौरान उन्होंने “करेमि भंते” का पाठ ग्रहण कर साधु जीवन में प्रवेश किया।
समारोह में सक्षम मुनि, अक्षत मुनि, घनश्याम मुनि एवं कौशल मुनि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। जैन कॉन्फ्रेंस कर्नाटक प्रांत के महामंत्री नेमीचंद दलाल ने नवदीक्षित संत रविमुनि के उज्ज्वल संयम जीवन की मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।
कार्यक्रम में डॉ. एस.के. मित्तल, अनिल गन्ना, नीलेश बोहरा, सुरेशचंद दक, रितेश पामेचा, मोनिका मेहता सहित विभिन्न जैन संस्थाओं के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे।
इस अवसर पर राष्ट्र संत कमलमुनि ‘कमलेश’ की प्रेरणा से महावीर जैन भवन निर्माण हेतु 85 लाख रुपये की सहयोग राशि एकत्रित हुई। अनेक श्रद्धालुओं ने भवन निर्माण में सहयोग का संकल्प भी लिया।
कार्यक्रम का संचालन लालचंद छिंगावत ने किया तथा संजयनगर संघ के अध्यक्ष अनिल गन्ना एवं मंत्री नीलेश बोहरा ने आभार व्यक्त किया। आयोजकों ने बताया कि आगामी 29 जून को विजयनगर संघ के तत्वावधान में एक और भव्य दीक्षा समारोह आयोजित किया जाएगा।