उमरिया। जिले के मानपुर क्षेत्र में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने एसडीएम कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया। वे किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर राज्यपाल के नाम 7 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन देने पहुंचे थे।
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि एसडीएम ज्ञापन लेने बाहर नहीं आईं और न ही उनसे मुलाकात की। इससे नाराज होकर कांग्रेसजन कार्यालय परिसर के सामने ही जमीन पर बैठकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। शुरुआत में कांग्रेस के विधायक और कार्यकर्ता एसडीएम को बस स्टैंड में ज्ञापन सौंपने के लिए बुला रहे थे, लेकिन एसडीएम वहां नहीं पहुंचीं।
इसके बाद सभी पैदल चलकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे और धरना शुरू कर दिया। बाद में एसडीएम बाहर निकलकर मिलने आईं, लेकिन कांग्रेस के विधायक ने उन्हें ज्ञापन सौंपने से मना कर दिया। वे अब कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने की मांग पर अड़े हुए हैं।
मंत्री-विधायक भी धरने में शामिल हुए
धरने में पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल और विधायक फुंदेलाल मार्काे भी शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि किसानों को खाद, बीज, बिजली और फसल बीमा जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है।
कांग्रेस के 7 सूत्रीय ज्ञापन में कई प्रमुख मांगें शामिल हैं। इनमें डीजल-पेट्रोल की बढ़ी कीमतें वापस लेना, किसानों को पर्याप्त मात्रा में डीएपी और यूरिया उपलब्ध कराना, और फसल बीमा योजना का लाभ सभी किसानों तक पहुंचाना शामिल है।
कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने की मांग पर अड़े
अन्य मांगों में ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना, कृषि उपकरणों पर अधिक सब्सिडी देना, और वन्यजीव हमलों में मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपए की सहायता और परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी देना शामिल है। फिलहाल, कांग्रेस कार्यकर्ता और विधायक कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने की मांग पर अड़े हुए हैं और उनका धरना जारी है।