चित्तौड़गढ़। मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सचिव, राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान, जयपुर के निर्देशानुसार पंचायतीराज संस्थाओं एवं नगरीय निकायों के निर्वाचन से संबंधित संतान संबंधी प्रावधानों में किए गए महत्वपूर्ण संशोधनों की जानकारी सभी संबंधित अधिकारियों एवं आमजन तक पहुंचाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि राजस्थान राजपत्र में 25 मार्च, 2026 को प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा-19 में संशोधन कर पंचायतीराज संस्थाओं के निर्वाचन के लिए लागू संतान संबंधी प्रावधानों को समाप्त कर दिया गया है। इसी प्रकार राजस्थान नगरपालिका (संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा-2 एवं धारा-24 में संशोधन करते हुए नगरीय निकायों के निर्वाचन में लागू संतान संबंधी प्रावधानों को भी हटा दिया गया है।
उन्होंने बताया कि उक्त अधिसूचनाओं की प्रतियां पंचायत एवं नगरपालिका क्षेत्र के सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (उपखंड अधिकारी एवं उपखंड मजिस्ट्रेट) को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित कर दी गई हैं। पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत कपासन, बेगूं, चित्तौड़गढ़, निम्बाहेड़ा, बड़ीसादड़ी, डूंगला, भदेसर, गंगरार, राशमी, भूपालसागर एवं रावतभाटा तथा नगरपालिका क्षेत्र के कपासन, बेगूं, चित्तौड़गढ़, निम्बाहेड़ा, बड़ीसादड़ी, भूपालसागर एवं रावतभाटा के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कार्मिकों को संशोधित प्रावधानों से तत्काल अवगत कराया जाए। साथ ही पंचायतीराज संस्थाओं एवं नगरीय निकायों के निर्वाचन में संतान संबंधी प्रावधान हटाए जाने के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन एवं संबंधित पक्षों को संशोधित विधिक प्रावधानों की सही एवं समयबद्ध जानकारी प्राप्त हो सके।