रतलाम। जिले की जावरा तहसील के ग्राम रूपनगर में सरकारी प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक बद्रीलाल राठौर का तबादला निरस्त कराने की मांग को लेकर मंगलवार को बच्चों और अभिभावकों ने महू-नीमच हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। हाईवे की दोनों लेन पर बैठकर प्रदर्शन करने से करीब 40 मिनट तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और यातायात बहाल किया गया।
ग्रामीणों के अनुसार करीब 23 दिन पहले शिक्षक बद्रीलाल राठौर का तबादला सेमलिया कर दिया गया था, जिसके बाद वे कार्यमुक्त होकर नई पदस्थापना पर चले गए। ग्रामीणों का कहना है कि राठौर ने स्कूल में बेहतर शैक्षणिक परिणाम दिए और विद्यालय को आदर्श स्कूल के रूप में विकसित किया। इसी कारण बच्चे और अभिभावक उनके स्थानांतरण का लगातार विरोध कर रहे हैं। उनका दावा है कि पिछले 23 दिनों से कई बच्चे स्कूल भी नहीं जा रहे हैं।
ट्रांसफर निरस्त कराने की मांग को लेकर ग्रामीण पहले ही कलेक्टर और स्थानीय विधायक को ज्ञापन सौंप चुके थे, लेकिन समाधान नहीं होने पर उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाया। चक्काजाम की सूचना मिलते ही जिला शिक्षा अधिकारी सिमरन सूर्यवंशी, एसडीओपी संदीप मालवीय, तहसीलदार पंकज पवैया सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाइश का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे।
इस दौरान जिला पंचायत सदस्य डीपी धाकड़ भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए बताया कि शिक्षा मंत्री राव उदयप्रताप सिंह को पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है। प्रदर्शनकारी कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए हाईवे पर धरने पर बैठ गए।
बाद में जावरा एसडीएम रचना शर्मा मौके पर पहुंचीं और बच्चों व अभिभावकों से चर्चा की। उन्होंने बताया कि शिक्षक का स्थानांतरण शासन स्तर से हुआ है, इसलिए जिला स्तर पर इसे तत्काल निरस्त नहीं किया जा सकता। हालांकि नियमानुसार जिला स्तरीय समिति शिक्षक बद्रीलाल राठौर के स्थानांतरण को निरस्त कर पुनः रूपनगर में पदस्थापित करने संबंधी अनुशंसा शासन को भेजेगी। अधिकारियों ने बताया कि लगभग 15 दिनों में इस पर निर्णय होने की संभावना है।
प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों ने आंदोलन समाप्त किया तथा हाईवे से हट गए। इसके बाद महू-नीमच हाईवे पर यातायात सुचारु रूप से शुरू हो गया।