चित्तौड़गढ़। वर्ष 2026-27 के लिए कृषि, आवासीय एवं वाणिज्यिक श्रेणी की भूमियों की बाजार दरों के निर्धारण को लेकर मंगलवार को जिला स्तरीय समिति की बैठक जिला परिषद स्थित डी.आर.डी.ए. सभागार में जिला कलक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में भूमि की बाजार दरों को पारदर्शी, व्यावहारिक एवं जनहितकारी बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई।
राजस्थान सरकार के वित्त (राजस्व) एवं कर विभाग द्वारा जारी निर्देशों के तहत आयोजित इस बैठक में विधायक चंद्रभान सिंह आक्या, विधायक सुरेश धाकड़, पूर्व विधायक अशोक नवलखा सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भूमि की वर्तमान बाजार स्थिति, विकास गतिविधियों, आधारभूत सुविधाओं, शहरी विस्तार तथा औद्योगिक एवं व्यावसायिक संभावनाओं जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने कहा कि बाजार दरों का निर्धारण राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और व्यावहारिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्धारित दरें वास्तविक बाजार मूल्य का समुचित प्रतिबिंब प्रस्तुत करें, जिससे आमजन, कृषकों, निवेशकों एवं अन्य हितधारकों के हितों का संतुलन बना रहे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रस्तावित बाजार दरों के निर्धारण में प्रत्येक क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, भूमि उपयोग, वर्तमान विकास कार्यों, आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता तथा स्थानीय परिस्थितियों का गहन अध्ययन किया जाए। साथ ही सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समयावधि में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने भी स्थानीय परिस्थितियों एवं आमजन के हितों को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। समिति द्वारा प्राप्त सुझावों एवं विभागीय प्रतिवेदनों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया, ताकि वर्ष 2026-27 के लिए भूमि की बाजार दरों का निर्धारण यथार्थपरक एवं जनहितकारी तरीके से किया जा सके।
बैठक में जिला स्तरीय समिति के सदस्य, संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।