चित्तौड़गढ़। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी कार्यक्रम “ट्रांसफॉर्मेटिव मंगलवार” (रूपांतरणकारी मंगलवार) के तहत जिले में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों एवं उनके कानूनी अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चित्तौड़गढ़ के तत्वावधान में विभिन्न विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में जिला एवं सेशन न्यायाधीश तथा अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्तौड़गढ़ मानसिंह चुण्डावत के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश योगिता पारीक के नेतृत्व में एम एकेडमी, चित्तौड़गढ़ में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए उनसे जुड़े विभिन्न प्रश्नों एवं शिकायतों का सरल भाषा में समाधान किया गया।
सचिव योगिता पारीक ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार और उसके उज्ज्वल भविष्य को भी प्रभावित करता है। नशे की लत व्यक्ति के शरीर और मस्तिष्क पर नियंत्रण को कमजोर कर देती है, जिससे वह कई बार आपराधिक गतिविधियों की ओर भी अग्रसर हो सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
अभियान के तहत जिले के विभिन्न विद्यालयों में न्यायिक अधिकारियों द्वारा भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें विशिष्ट न्यायाधीश एनडीपीएस कोर्ट-01 किशनलाल चौधरी, विशिष्ट न्यायाधीश पोक्सो कोर्ट-01 लता गौड़, विशिष्ट न्यायाधीश पोक्सो कोर्ट-02 शहनाज परवीन, न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय अचला आर्या, एडीजे क्रमांक-02 राजेश कुमार मीणा, एडीजे क्रमांक-03 ब्रह्मानंद शर्मा, विशिष्ट न्यायाधीश एससी-एसटी कोर्ट देवेंद्र सिंह पंवार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पंकज कुमार काबरा, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अंशुमन सिंह खंगारौत, न्यायिक मजिस्ट्रेट तमन्ना कुमारी, अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेश बजाड़, विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट (एनआई एक्ट) मेघना यादव, न्यायिक अधिकारी ग्राम न्यायालय वीणा सुवालका एवं प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड पूनम सेन सहित अन्य न्यायिक अधिकारियों ने सहभागिता की।
इसके अलावा लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सदस्यों एवं पैरालीगल वॉलेंटियर्स ने भी बच्चों एवं आमजन को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे नशे को जीवन से दूर रखकर अपने सपनों को साकार करने के लिए शिक्षा, अनुशासन और सकारात्मक सोच को अपनाएं।