शाजापुर। सच्ची श्रद्धा, अटूट विश्वास और दृढ़ संकल्प के सामने हर कठिन राह आसान हो जाती है। इसका जीवंत उदाहरण भिंड जिले की 25 वर्षीय वंदना राठौर हैं, जिन्होंने भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी अटूट आस्था को अनोखे अंदाज में साकार किया है। वंदना अपने कंधों पर 11 किलो वजनी भगवान शिव की प्रतिमा लेकर पैदल यात्रा पर निकली हैं।
वंदना ने अपनी यात्रा भिंड स्थित वनखंडेश्वर महादेव मंदिर से 17 जून को शुरू की थी। उनकी यह 70 दिवसीय पदयात्रा शाजापुर होते हुए उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर और वहां से ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग तक पहुंचेगी। शिवभक्ति से ओतप्रोत इस यात्रा का उद्देश्य भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित करना और समाज में भक्ति का संदेश देना है।
यात्रा के दौरान वंदना के साथ मुरैना निवासी नितिन शर्मा भी पैदल चल रहे हैं। वे लगभग 500 किलोमीटर की ध्वज यात्रा लेकर मुरैना से निकले हैं और महाकालेश्वर तथा ओंकारेश्वर तक भगवान शिव का ध्वज लेकर पहुंचेंगे।
वंदना राठौर बताती हैं कि यात्रा के दौरान उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई का अनुभव नहीं हुआ। उनका कहना है, जब भोलेनाथ स्वयं साथ हों, तो कठिनाइयों का कोई अस्तित्व नहीं रहता। उनका अटूट विश्वास और समर्पण राह में मिलने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।
वंदना और नितिन की यह अनूठी पदयात्रा जहां शिवभक्ति की मिसाल पेश कर रही है, वहीं युवाओं को आस्था, संकल्प और आध्यात्मिक ऊर्जा का संदेश भी दे रही है।