खरगोन। दिल्ली में पेपर लीक मामले को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर केंद्र सरकार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे युवाओं के भविष्य पर हमला बताया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाते हुए नारेबाजी भी की।
ज्ञापन में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, जिसमें कई छात्र घायल हुए। साथ ही, छात्रों के समर्थन में पहुंचे विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ भी कथित अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया गया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इन घटनाओं से यह संदेश जाता है कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक विरोध को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं और छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय विरोध की आवाज को कुचलना चाहती है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति से केंद्र सरकार को बर्खास्त करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो पार्टी चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाएगी।
धरना-प्रदर्शन में कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।