रामपुरा/नीमच। ग्राम बैंसला में कथित रूप से बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता के क्लिनिक संचालित किए जाने की शिकायत पर जिला प्रशासन ने एक बार फिर सख्त कार्रवाई की है। जनसुनवाई में प्राप्त शिकायत के बाद कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देश पर मंगलवार शाम राजस्व एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में संबंधित क्लिनिक को पुनः सील कर पंचनामा तैयार किया।
कार्रवाई तहसीलदार रामपुरा कमलेश डुडवे एवं स्थानीय चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक चौहान के नेतृत्व में की गई। प्रशासनिक टीम के मौके पर पहुंचने के दौरान क्लिनिक संचालक मोहन मलिक उपस्थित नहीं मिले। प्रशासन द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उक्त क्लिनिक को इससे पूर्व 30 अप्रैल 2026 को भी प्रशासन द्वारा सील किया गया था। इसके पश्चात स्वास्थ्य विभाग ने खुले में बायो-मेडिकल वेस्ट फेंके जाने तथा कथित रूप से अवैध रूप से क्लिनिक संचालित किए जाने के संबंध में प्रकरण दर्ज कराया था। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि प्रशासनिक सील हटाकर क्लिनिक का पुनः संचालन किया गया।
मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में जनहित याचिकाकर्ताओं ने जन एवं पर्यावरण हित से जुड़े विभिन्न बिंदुओं को लेकर जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत प्रस्तुत की थी। शिकायत प्राप्त होने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित परिसर को दोबारा सील कर दिया।
शिकायतकर्ताओं द्वारा यह भी आरोप लगाया गया है कि क्लिनिक संचालक को एक शस्त्रधारी शासकीय शिक्षक का संरक्षण प्राप्त है। इस संबंध में भी प्रशासन से जांच की मांग की गई है। हालांकि प्रशासन ने इस आरोप की पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी होने की बात कही है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, मौके पर क्लिनिक की पूर्व में लगाई गई शासकीय सील एवं ताले नहीं पाए गए। चाबियां प्रशासन के पास सुरक्षित हैं तथा शासकीय सील टूटने से संबंधित पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। साथ ही क्लिनिक संचालक की संपत्ति एवं अन्य संबंधित मामलों की भी नियमानुसार जांच की तैयारी की जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच के उपरांत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।