शाजापुर। शुजालपुर तहसील के ग्राम जामनेर में पहली ही बारिश ने विकास कार्यों की गुणवत्ता की पोल खोल दी है। यहां हाल ही में करीब 32 लाख रुपए की लागत से निर्मित पुलिया बारिश का पानी नहीं झेल पाई और उसका अर्थवर्क (मिट्टी भराव) धंस गया।
जानकारी के अनुसार जेठड़ा जोड़ से कालापीपल तक 12 किलोमीटर लंबे डामर मार्ग का निर्माण करीब 19 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। इसी मार्ग पर जामनेर के समीप बनी नवनिर्मित पुलिया पहली बारिश में ही क्षतिग्रस्त हो गई।
बारिश के पानी के बहाव से पुलिया के दोनों ओर और नीचे किया गया मिट्टी भराव बह गया, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिसका नतीजा पहली बारिश में ही सामने आ गया।
ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि पहली बारिश में ही पुलिया का अर्थवर्क इस तरह बहने लगा है तो भविष्य में बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा मौके का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की जांच कराई जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो।
अब देखना होगा कि खबर सामने आने के बाद संबंधित विभाग के अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या क्षतिग्रस्त पुलिया की मरम्मत समय पर कराई जाती है या नहीं।