राजगढ़। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के भाभरा प्रवास के दौरान दत्तीगांव बंगले पर भंवर मृत्युंजयसिंह दत्तीगांव के नेतृत्व में उनका भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को 51 किलो की पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया गया, जबकि जान्हवी सिंह दत्तीगांव ने पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राजगढ़ स्थित प्राचीन श्री बरगद वाले शनिदेव मंदिर को प्राप्त 11 अंतरराष्ट्रीय वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रमाण-पत्रों का विधिवत विमोचन किया। साथ ही उन्हें श्री शनि-शीतला माता मंदिर का चित्र भी भेंट किया गया।
सामाजिक कार्यकर्ता अक्षय भंडारी, मंदिर समिति के सदस्य निलेश सोनी एवं भंवर मृत्युंजयसिंह दत्तीगांव ने मुख्यमंत्री को मंदिर की प्राचीनता, धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
उल्लेखनीय है कि श्री बरगद वाले शनिदेव मंदिर को वर्ल्ड वाइड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, अमेजिंग वर्ल्ड रिकॉर्ड्स, ओएमजी बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, आईईए बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स, एशिया कॉलिंग एक्सीलेंस बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लिंकन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स सहित 11 प्रतिष्ठित वैश्विक संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा एप्लाइड एनवायरनमेंटल रिसर्च फाउंडेशन (AERF) ने भी मंदिर परिसर के ऐतिहासिक विशाल बरगद वृक्ष के संरक्षण के लिए मंदिर समिति को सम्मानित किया है।
मंदिर की विशेषता यह है कि बरगद की जड़ों के बीच स्वयंभू शनिदेव की प्रतिमा विराजमान है, जहां भगवान शनि की दुर्लभ सिंदूरी स्वरूप में पूजा होती है। यहां शनि और सूर्य के अद्वितीय संयोग के साथ पर्यावरण संरक्षण को भारतीय संस्कृति के "प्रकृति देवो भवः" सिद्धांत के अनुरूप बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंदिर समिति एवं राजगढ़वासियों को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण का यह अनूठा संगम पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने इसे धार जिले ही नहीं, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया।