नीमच। जिले की ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत अमन वैष्णव की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद (डीएटीसीसी) की कार्यकारिणी बैठक आयोजित की गई। बैठक में पर्यटन विकास को गति देने तथा जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में शासकीय एवं अशासकीय सदस्यों सहित कुल 33 सदस्यों ने सहभागिता की। उपस्थित सदस्यों ने जिले में पर्यटन की अपार संभावनाओं को विकसित करने के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए। इस दौरान ऐतिहासिक गढ़ों एवं किलों, बांधों, झरनों, प्राचीन मंदिरों तथा पुरातात्विक महत्व के स्थलों को विशेष रूप से चिन्हित कर उन्हें पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता से स्थान दिलाने का प्रस्ताव रखा गया।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जिले की वेबसाइट पर सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों की विस्तृत जानकारी, उनके ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व तथा उपलब्ध सुविधाओं को शामिल किए जाने पर सहमति व्यक्त की गई। साथ ही पर्यटन विभाग को सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग के लिए इंस्टाग्राम पेज संचालित करने के निर्देश दिए गए, जिससे पर्यटन स्थलों का नियमित प्रचार-प्रसार किया जा सके और पर्यटकों को आवश्यक एवं अद्यतन जानकारी उपलब्ध हो सके।
बैठक में एडीएम बीएस कलेश, एएसपी हेमलता अग्रवाल, एसडीएम नीमच पराग जैन, जिला शिक्षा अधिकारी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी नीमच सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, इतिहासकार, पर्यटन विशेषज्ञ, टूर ऑपरेटर, होटल एवं रिसॉर्ट प्रतिनिधि, मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, जिला पुरातत्व संघ तथा अन्य संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सहभागिता कर जिले में पर्यटन विकास के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।