नीमच। शहर स्थित सीनियर कन्या छात्रावास क्रमांक-2 से एक छात्रा के बिना सूचना गायब होने की घटना ने छात्रावासों में बालिकाओं की सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि पुलिस एवं परिजनों की सक्रियता से छात्रा दो दिन बाद सुरक्षित मिल गई, लेकिन इस घटना ने छात्रावास प्रबंधन की जवाबदेही और सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर कर दिया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए आदिम जाति कल्याण विभाग ने छात्रावास अधीक्षिका को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, नीमच सिटी रोड स्थित सीनियर कन्या छात्रावास क्रमांक-2 में रहने वाली झाबुआ जिले की एक छात्रा शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-2 में कक्षा 11वीं की छात्रा है। छात्रा के छात्रावास में मौजूद नहीं मिलने पर तत्काल विभागीय अधिकारियों को सूचना दी गई, जिसके बाद कैंट थाने में गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की गई। पुलिस ने परिजनों के सहयोग से छात्रा को दो दिन के भीतर सुरक्षित बरामद कर लिया। गुरुवार को छात्रा के परिजन कैंट थाने पहुंचे, जहां पुलिस ने नियमानुसार उसके बयान दर्ज किए।
पुलिस को दिए बयान में छात्रा ने बताया कि वह अपने एक परिचित से मिलने बड़ौदा चली गई थी। छात्रा बालिग होने के कारण पुलिस ने उसके कथनों को प्राथमिक आधार मानते हुए आवश्यक कार्रवाई पूरी की। राहत की बात यह रही कि छात्रा पूरी तरह सुरक्षित मिली और उसके साथ किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।
अधीक्षिका को जारी हुआ कारण बताओ नोटिस-
घटना को गंभीर मानते हुए आदिम जाति कल्याण विभाग ने छात्रावास अधीक्षिका श्रीमती ज्योति यादव को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने पूछा है कि छात्रावास में रहने वाली छात्रा बिना सूचना बाहर कैसे चली गई और उसकी अनुपस्थिति की जानकारी समय रहते क्यों नहीं मिल सकी।
जांच के बाद होगी विभागीय कार्रवाई-
आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक ने बताया कि पूरे मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी गई है। अधीक्षिका के जवाब एवं जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या जिम्मेदारी में कमी पाई जाती है तो नियमानुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे।
छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था की होगी समीक्षा-
घटना के बाद जिले के सभी छात्रावासों में सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्थाओं की समीक्षा किए जाने का निर्णय लिया गया है। विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति, छात्र-छात्राओं के बाहर जाने की प्रक्रिया तथा नियमित मॉनिटरिंग व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
अधीक्षकों की बैठक में दिए जाएंगे सख्त निर्देश-
जिला संयोजक ने बताया कि शीघ्र ही जिले के सभी छात्रावास अधीक्षकों की बैठक आयोजित कर छात्र-छात्राओं की सुरक्षा, अनुशासन एवं प्रबंधन संबंधी जिम्मेदारियों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
छात्रा सुरक्षित मिली, लेकिन व्यवस्था पर उठे सवाल-
छात्रा का सुरक्षित मिल जाना इस घटना का सबसे सकारात्मक पक्ष है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने छात्रावासों की निगरानी प्रणाली और सुरक्षा मानकों पर गंभीर मंथन की आवश्यकता को सामने ला दिया है। छात्रावास केवल आवासीय सुविधा नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने वाला संस्थान है। ऐसे में प्रत्येक स्तर पर सतर्कता, जवाबदेही और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है।