एमजीएम मेडिकल कॉलेज के अंतर्गत संचालित सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में आवश्यक एनेस्थीसिया दवाओं की कमी के कारण हार्ट, न्यूरो, कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों के ऑपरेशन प्रभावित हो रहे हैं। अस्पताल में एनेस्थीसिया के लिए उपयोग होने वाले प्रमुख इंजेक्शन खत्म होने से कई मरीजों की सर्जरी टालनी पड़ रही है।
जानकारी के अनुसार अस्पताल में बुपिवाकेन हेवी (Bupivacaine Heavy), ग्लाइकोपाइरोलेट (Glycopyrrolate) और मायोपाइरोलेट (Myopyrolate) इंजेक्शन का स्टॉक समाप्त हो गया है। इन दवाओं के अभाव में डॉक्टरों को कई निर्धारित ऑपरेशन स्थगित करने पड़ रहे हैं। इसका सबसे अधिक असर उन मरीजों पर पड़ रहा है, जो लंबे समय से सर्जरी की तारीख का इंतजार कर रहे थे। दूर-दराज के जिलों से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को भी अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रोज 12 से 15 बड़ी सर्जरी होती हैं
डॉक्टरों के मुताबिक बुपिवाकेन हेवी उपलब्ध नहीं होने से जरूरत पड़ने पर स्पाइनल एनेस्थीसिया देना संभव नहीं हो पा रहा है। वहीं ग्लाइकोपाइरोलेट और मायोपाइरोलेट इंजेक्शन की कमी के कारण जनरल एनेस्थीसिया के तहत होने वाली सर्जरी भी प्रभावित हो रही हैं।
अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 12 से 15 हार्ट, न्यूरो, कैंसर और अन्य जटिल ऑपरेशन किए जाते हैं, लेकिन दवाओं की अनुपलब्धता के चलते कई मामलों में ऑपरेशन टालने की नौबत आ गई है।
प्रबंधन को कई बार भेजी गई मांग
डॉक्टरों ने बताया कि आवश्यक दवाओं की मांग लगातार केंद्रीय भंडार (सेंट्रल स्टोर) को भेजी जा रही है, लेकिन जरूरत के अनुरूप आपूर्ति नहीं हो रही है। इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन को लिखित शिकायत भी दी गई है और जल्द से जल्द दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
प्रबंधन ने जल्द आपूर्ति का दिया भरोसा
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि डॉक्टरों द्वारा जिन दवाओं की मांग भेजी गई है, उनकी आपूर्ति की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही आवश्यक एनेस्थीसिया दवाएं उपलब्ध करा दी जाएंगी, ताकि प्रभावित सर्जरी दोबारा शुरू की जा सकें।