खरगोन। पेपर लीक मामले में दिल्ली में किए गए आंदोलन के दौरान छात्रों पर की गई लाठीचार्ज के विरोध बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन एवं छात्रों ने बिस्टान नाका टंट्या मामा प्रतिमा स्थल के समीप धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान वक्ताओं ने दिल्ली पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए पीड़ित छात्रों के लिए संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उनके लिए मुआवजे की मांग भी की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के नाम सौंपे ज्ञापन में देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग की है। प्रदर्शन में जयस के राजेंद्र पंवार ने कहा कि नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली, समय पर परीक्षा आयोजन न होने और परिणाम घोषित न होने जैसे छात्र हित के मुद्दों पर दिल्ली में शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया। यह सरकार की दमनकारी नीति है। जयस संरक्षक सुभाष पटेल, जिलाध्यक्ष सचिन सिसौदिया, जोगीराम बड़ोले, शांतिलाल बड़ोले आदि ने धरने में कहा कि छात्रों का अपने हक और अधिकार मांगना गलत नहीं है, और ये छात्र देश के ही नागरिक हैं।