इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के आवास पर बिना अनुमति प्रदर्शन करने पहुंचे प्रह्लाद पांडे और उनकी पत्नी संगीता पांडे को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने जेड प्लस सुरक्षा वाले क्षेत्र में अनुमति के बिना प्रदर्शन किया, जिसके चलते परदेशीपुरा पुलिस थाने में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
प्रह्लाद पांडे और संगीता पांडे संविधान की किताब लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के निवास पर विरोध दर्ज कराने पहुंचे थे। दंपती का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध प्रकट कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें जबरन हिरासत में ले लिया। पुलिस का दावा है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हुए बिना किसी पूर्व अनुमति के प्रदर्शन किया गया, इसलिए कानूनी कार्रवाई की गई। दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
इधर दंपती का आरोप है कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे और पुलिस ने बिना वजह उन्हें हिरासत में लिया। वहीं पुलिस ने स्पष्ट किया कि जेड प्लस सुरक्षा वाले क्षेत्र में बिना अनुमति किसी भी तरह का प्रदर्शन करना कानून के खिलाफ है। यह घटना इंदौर में राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई है। फिलहाल दोनों आरोपियों को जेल में रखा गया है। बताया जा रहा है कि छात्र आंदोलन के समर्थन में दोनों पति-पत्नी विरोध दर्ज कराने मंत्री के बंगले पहुंचे थे। विजयवर्गीय के छात्रों को लेकर दिए बयान से दोनों नाराज थे।