नीमच। राज्य शिक्षा केंद्र, भोपाल के निर्देशानुसार जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), नीमच में आयोजित गुरु पूर्णिमा पखवाड़े के अंतर्गत शुक्रवार को करियर मार्गदर्शन एवं प्रेरक व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) अमन वैष्णव ने प्रशिक्षुओं को सफलता, व्यक्तित्व विकास एवं राष्ट्र निर्माण में शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रेरक मार्गदर्शन प्रदान किया।
अपने उद्बोधन में वैष्णव ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासन, निरंतर परिश्रम, सतत अध्ययन, सीखने की ललक, तकनीकी दक्षता तथा श्रेष्ठ मार्गदर्शन ही व्यक्ति को जीवन में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच को अपनाकर ही व्यक्ति अपने सपनों को साकार कर सकता है।
उन्होंने प्रशिक्षुओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, व्यक्तित्व विकास, संवाद कौशल, प्रशासनिक सेवाओं सहित विभिन्न रोजगार एवं करियर के अवसरों की विस्तृत जानकारी देते हुए स्वयं को समय की मांग के अनुरूप निरंतर विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बदलते समय में सीखने की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होती, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को निरंतर ज्ञानार्जन करते रहना चाहिए।
वैष्णव ने कहा कि शिक्षक का दायित्व केवल विद्यार्थियों को शिक्षित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह समाज एवं राष्ट्र निर्माण का प्रमुख आधार होता है। प्रत्येक शिक्षक को अपने कार्यकाल के दौरान यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसके ज्ञान, संस्कार और मार्गदर्शन से समाज को सकारात्मक दिशा मिले तथा राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान सुनिश्चित हो।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षुओं ने उत्साहपूर्वक विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका मुख्य अतिथि ने सरल, व्यवहारिक एवं प्रेरणादायी उदाहरणों के माध्यम से समाधान प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन गायत्री सापेड़िया ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन वर्षा भारती द्वारा व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में डाइट परिवार के संकाय सदस्य, कर्मचारी एवं लगभग 105 प्रशिक्षु उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि डाइट नीमच में 15 से 29 जुलाई 2026 तक आयोजित गुरु पूर्णिमा पखवाड़े के अंतर्गत निबंध प्रतियोगिता, योग एवं ध्यान, स्वच्छता एवं जनजागरूकता अभियान सहित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। आगामी 27 जुलाई को भाषण प्रतियोगिता तथा 29 जुलाई को आयोजित समापन समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। इस पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा, नैतिक मूल्यों, व्यक्तित्व विकास एवं राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करना है।