नीमच। आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए आयोजित होने वाली जनसुनवाई में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब वर्षों से न्याय की आस लगाए एक फरियादी ने कथित रूप से जहरीले पदार्थ (कीटनाशक) का सेवन कर लिया। घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्काल उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार जारी है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम चौनपुरा बामनबाड़ी निवासी शंकर सिंह पिता नवल सिंह अपनी पुरानी शिकायत लेकर जनसुनवाई में पहुंचे थे। उनका आरोप है कि वर्ष 2015 में बिजली के करंट की चपेट में आने से उनकी एक गाय और एक भैंस की मौत हो गई थी। इस मामले में नामजद लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर वे कई बार कलेक्टर कार्यालय एवं संबंधित अधिकारियों को आवेदन प्रस्तुत कर चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक न्याय नहीं मिल सका।
घटना से पूर्व शंकर सिंह ने एक हस्तलिखित पत्र भी छोड़ा, जिसमें उन्होंने वर्षों से शिकायत का निराकरण नहीं होने, आर्थिक तंगी और आजीविका प्रभावित होने की पीड़ा व्यक्त की है। पत्र में उन्होंने उल्लेख किया कि पशुओं की मौत के बाद उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह से बिगड़ गई और लगातार आवेदन देने के बावजूद उन्हें कोई राहत नहीं मिली। इसी निराशा के चलते उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाने का निर्णय लेने की बात लिखी।
जहरीले पदार्थ का सेवन करने के कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल प्रशासन को सूचना दी। एसडीएम सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और निजी वाहन की सहायता से उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में काफी देर तक हड़कंप की स्थिति बनी रही।
यह घटना एक बार फिर शिकायतों के समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण की आवश्यकता को रेखांकित करती है। यदि फरियादियों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो, तो संभवतः उन्हें अपनी पीड़ा व्यक्त करने के लिए ऐसे खतरनाक कदम उठाने की नौबत नहीं आए। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच प्रारंभ कर दी है। फरियादी द्वारा लगाए गए आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, जिला अस्पताल में उनका उपचार जारी है।