मुरैना। मुरैना में मंगलवार को महज एक घंटे की तेज बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी। शहर के मुख्य बाजार, प्रमुख सड़कें और कई रिहायशी इलाके जलमग्न हो गए। जलभराव के कारण लोगों का जनजीवन प्रभावित रहा, जबकि दोपहिया और चारपहिया वाहन भी पानी में फंसते नजर आए।
जीवाजी गंज, लोहिया बाजार, गणेशपुरा और न्यू हाउसिंग बोर्ड सहित कई क्षेत्रों में घुटनों तक पानी भर गया। बारिश के बाद लोगों को घरों से निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई कॉलोनियों में घरों के बाहर पानी जमा होने से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की आवाजाही भी प्रभावित हुई।
स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि बारिश से पहले नालों और नालियों की समुचित सफाई नहीं कराई गई, जिसके कारण थोड़ी ही देर की बारिश में शहर तालाब में तब्दील हो गया। लोगों का कहना है कि हर साल करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जल निकासी व्यवस्था में कोई स्थायी सुधार नहीं दिख रहा।
व्यापारी मनोज बंसल ने बताया कि लोहिया बाजार में हर बारिश के दौरान जलभराव हो जाता है। कई बार पार्षद और नगर निगम से शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि बिहारीजी मंदिर के सामने पानी भरने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। बारिश के बाद चार-चार घंटे तक पानी भरा रहता है, जिससे व्यापार भी प्रभावित होता है।
वहीं नगर निगम आयुक्त सत्येंद्र धाकरे ने बताया कि शहर के नालों की सफाई लगातार कराई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि बारिश के बाद जिन क्षेत्रों में जलभराव हुआ था, वहां से करीब आधे घंटे के भीतर पानी की निकासी हो गई। आयुक्त के अनुसार शहर का भू-स्तर समतल होने के कारण पानी धीरे-धीरे निकलता है। उन्होंने कहा कि सुबह से ही निगम की टीमें मैदान में तैनात हैं और जहां आवश्यकता होगी, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी।