दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया में मतदान की घड़ियां नजदीक आ चुकी है। चंद घंटे बाद वोटिंग होने के बाद उम्मीदवारों की किस्मत EVM में कैद हो जाएगी। इससे पहले विधानसभा में किस जाति का दबदबा है और किस वर्ग में चुनाव का रुख मोड़ने की ताकत है
दतिया में सबसे ज्यादा 14.8% ब्राह्मण वोटर हैं। अहिरवार-जाटव वोटर लगभग 14.7% हैं। कुशवाहा-काछी वोटर तकरीबन 12.2% हैं और यादव वोटर 7.4% फीसदी हैं। इसी तरह लोधी वोटर तकरीबन 6.9% हैं। सोशल मीडिया पर चल रही ‘किनारे लगाने’ की इस चर्चा और नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों की मायूसी के बीच, बीजेपी ने आशुतोष तिवारी को टिकट देकर डैमेज कंट्रोल की कोशिश की है।
सवाल ये है कि क्या वाकई सोशल मीडिया का यह गुस्सा जमीन पर भी है? क्या दतिया के ब्राह्मण वोटरों के मन में नरोत्तम मिश्रा के टिकट कटने की नाराजगी है या फिर दतिया का ब्राह्मण वोटर आशुतोष तिवारी के पक्ष में जाएगा।
दतिया में सिर्फ ब्राह्मण ही नहीं, बल्कि अहिरवार-जाटव समाज 14.7% और कुशवाहा-काछी समाज 12.2% के साथ चुनाव का रुख मोड़ने की ताकत रखते हैं। हालांकि दतिया का मुकाबला त्रिकोणीय है। दामोदर यादव यहां से आजाद समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। दामोदर यादव यादव बिरादरी से आते हैं और यादव वाटर यहां पर तकरीबन 7.4 फीसदी हैं।