मुरैना/पोरसा। जिले में दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष अभियान शुरू कर दिया है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन मध्य प्रदेश के निर्देश तथा कलेक्टर के आदेश पर मंगलवार को पोरसा क्षेत्र की दूध डेयरियों एवं चिलिंग सेंटरों पर सघन जांच अभियान चलाया गया।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल प्रताप सिंह परिहार के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के दौरान सिद्ध कृपा डेयरी, शिवा डेयरी, श्री श्याम जी डेयरी तथा ग्राम भदावली के दूध विक्रेता श्यामू सिंह राजावत से कुल 6 दूध के नमूने लिए गए। सभी नमूनों को विधिवत सीलबंद कर जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के दौरान फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स और मैजिक बॉक्स की सहायता से मौके पर ही दूध की प्रारंभिक जांच भी की गई। साथ ही दूध विक्रेताओं को मिलावट की पहचान करने के आसान तरीके बताए गए तथा शुद्ध खाद्य पदार्थों की बिक्री के लिए जागरूक किया गया।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल प्रताप सिंह परिहार ने चेतावनी देते हुए कहा कि जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि प्रयोगशाला जांच में दूध या अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिले में मिलावट के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और संदिग्ध डेयरियों, खाद्य प्रतिष्ठानों तथा दूध विक्रेताओं की नियमित जांच की जाएगी, ताकि आम लोगों तक शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री पहुंच सके।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने आमजन से भी अपील की है कि यदि कहीं दूध या अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका हो तो इसकी सूचना विभाग को दें। विभाग का कहना है कि नागरिकों की एक सूचना भी मिलावटखोरों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई का आधार बन सकती है।