नीमच। एक तरफ अल्प वर्षा से चौपट होती फसलें और दूसरी ओर अपेक्षा के अनुरूप फसल बीमा राशि नहीं मिलने की पीड़ा। इस दोहरी मार ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खरीफ वर्ष 2025 में प्राकृतिक आपदा से सोयाबीन की फसल को भारी नुकसान झेलने वाले ग्राम पंचायत जमुनिया खुर्द के किसानों ने मंगलवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मिले दावों के पुनः परीक्षण की मांग की है।
किसानों का कहना है कि फसल नुकसान का सर्वे होने एवं राहत राशि मिलने के बावजूद बीमा दावा वास्तविक नुकसान के अनुरूप नहीं मिला है, जिससे उनमें गहरा असंतोष व्याप्त है।
ज्ञापन में किसानों ने बताया कि प्राकृतिक कारणों से सोयाबीन की फसल व्यापक रूप से प्रभावित हुई थी। इसके बावजूद बीमा कंपनी द्वारा जारी की गई दावा राशि कई किसानों के अनुसार उनकी जमा प्रीमियम राशि से भी कम है। किसानों ने इसे गंभीर विसंगति बताते हुए फसल कटाई प्रयोग, उपज संबंधी आंकड़ों तथा बीमा दावा निर्धारण प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
किसानों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि यदि जांच में किसी प्रकार की त्रुटि या अनियमितता सामने आती है, तो नियमानुसार पुनर्मूल्यांकन कर पात्र किसानों को उचित बीमा राशि उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, दावा निर्धारण की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाते हुए किसानों को इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
अब किसानों की निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। उनका कहना है कि समय रहते उचित बीमा राशि नहीं मिलने से आगामी कृषि कार्यों के लिए आर्थिक संकट और गहरा सकता है।