चित्तौड़गढ़। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर द्वारा प्रदेश के किशोर विद्यार्थियों को कानूनी अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से संचालित एक अभिनव और महत्वाकांक्षी कार्यक्रम “ट्रांसफॉर्मेटिव मंगलवार“ (रूपांतरणकारी मंगलवार) के तहत मंगलवार के दिन नशे के दुष्प्रभावों के संबंध में बच्चों के लिए विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्तौड़गढ़ के तत्वाधान में किया जा रहा है। इस क्रम में अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्तौड़गढ़ मानसिंह चुण्डावत एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्तौड़गढ योगिता पारीक के निर्देशानुसार जिला मुख्यालय पर नियुक्त लीगल एड डिफेंस काउंसिल से चीफ सावन श्रीमाली, डिप्टी चीफ रमेश चन्द्र दशोरा, असिस्टेंट अंकुश तिवारी,वैशाली अहीर एवं प्रदीप सिंह राणावत द्वारा जिले के विभिन्न विद्यालयों में बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया एवं इस अभियान से संबंधित बच्चों की जो भी शिकायत थी उनका भी सरल भाषा में निराकरण किया। विद्यालय के छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए बताया गया कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं बल्कि उसके पूरे परिवार और उसके सुंदर भविष्य को नष्ट कर देता है। नशा करने वाले व्यक्ति को समाज में घृणा की दृष्टि से देखा जाता है। नशा हमारे शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव डालता है। हमारे युवाओं में असीमित ऊर्जा और बड़े सपने देखने की क्षमता है। आज समय की मांग है कि वे इस ऊर्जा का उपयोग रचनात्मक कार्यों में, अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने एवं देश के विकास में करें। उन्होंने बच्चों को किसी भी प्रकार का नशा न करने हेतु शपथ दिलवाई एवं नशा न करने हेतु लोगों में जागरूकता फैलाने में अपनी भूमिका निभाने हेतु भी प्रेरित किया।