चित्तौड़गढ़। राज्य सरकार के श्रम विभाग ने निर्माण एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने तथा आमजन को घर बैठे कुशल श्रमिकों की सेवाएं सुलभ कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए 'श्रम सेतु' एवं 'लेबर चौक' नाम से दो आधुनिक मोबाइल एप लॉन्च किए हैं। इन एप्स के माध्यम से श्रमिकों और कार्य उपलब्ध कराने वाले नागरिकों के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा, जिससे रोजगार प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी एवं तेज बनेगी।
उपश्रम आयुक्त शमिता जैन ने बताया कि अब लोगों को मिस्त्री, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, पेंटर, बढ़ई, वेल्डर अथवा अन्य कुशल श्रमिकों की तलाश में इधर-उधर भटकने की आवश्यकता नहीं होगी। मोबाइल एप पर कुछ ही क्लिक के माध्यम से लगभग 10 मिनट के भीतर अपनी आवश्यकता के अनुरूप श्रमिक से संपर्क किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि एप पर प्रत्येक पंजीकृत श्रमिक का विस्तृत डिजिटल प्रोफाइल उपलब्ध रहेगा, जिसमें उसका नाम, मोबाइल नंबर, कार्य का अनुभव, विशेष योग्यता, कार्यक्षेत्र एवं अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज होगी। इससे ग्राहक अपनी आवश्यकता के अनुसार उपयुक्त श्रमिक का चयन कर सीधे संपर्क स्थापित कर सकेंगे।
उपश्रम आयुक्त ने बताया कि इन एप्स के माध्यम से बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी, जिससे श्रमिकों को उनकी मेहनत का उचित पारिश्रमिक प्राप्त होगा। वहीं आम नागरिकों को भरोसेमंद एवं कुशल श्रमिक आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।
उन्होंने बताया कि 'श्रम सेतु' एवं 'लेबर चौक' एप पर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है। श्रमिक अपने मोबाइल फोन के माध्यम से स्वयं पंजीकरण कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपनी व्यक्तिगत जानकारी, कार्य का प्रकार, अनुभव तथा आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। पंजीकरण के बाद उनका डिजिटल प्रोफाइल तैयार हो जाएगा, जिसे ग्राहक आवश्यकता अनुसार देख सकेंगे।
उन्होंने कहा कि इस डिजिटल व्यवस्था से श्रमिकों को प्रतिदिन लेबर चौक पर खड़े होकर काम की प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी, बल्कि मोबाइल एप के माध्यम से सीधे रोजगार मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे निर्माण कार्यों में गति आएगी, श्रमिकों की आय में वृद्धि होगी तथा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को नियमित रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।
श्रम विभाग के अनुसार इन एप्स के माध्यम से श्रमिकों को राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे अधिक से अधिक श्रमिक सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
विभाग द्वारा राज्यभर में विशेष पंजीकरण शिविर भी आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से अधिकाधिक श्रमिकों को इन एप्स से जोड़ा जाएगा। जिन श्रमिकों ने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, उनसे शीघ्र पंजीकरण कराने की अपील की गई है।
उपश्रम आयुक्त ने बताया कि यह डिजिटल पहल श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार, सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराने तथा श्रम व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल श्रमिकों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, बल्कि आमजन को भी समय पर गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। राजस्थान की श्रम व्यवस्था को आधुनिक, सशक्त एवं जनहितैषी बनाने में 'श्रम सेतु' और 'लेबर चौक' एप महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।