चित्तौड़गढ़। मेवाड़ अंचल में पेयजल और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में चित्तौड़गढ़ सांसद सी.पी. जोशी ने नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से मुलाकात कर जाखम जल परियोजना को शीघ्र स्वीकृति देने की मांग की। उन्होंने जाखम नदी एवं जाखम बांध के अधिशेष (सरप्लस) जल को फीडर के माध्यम से जयसमंद बांध तक लाकर चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा के बांधों को भरने की महत्वाकांक्षी योजना पर विस्तार से चर्चा की।
सांसद जोशी ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि माही और सोम नदी के मानसून कालीन अधिशेष जल के साथ जाखम नदी के अतिरिक्त जल को भी इस परियोजना से जोड़ने पर मेवाड़ क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई संकट का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हर वर्ष मानसून के दौरान जाखम बांध का करीब 100 एमसीयूएम पानी ओवरफ्लो होकर व्यर्थ अरब सागर में चला जाता है, जिसे ग्रेविटी फ्लो आधारित टनल और फीडर कैनाल के जरिए जयसमंद बांध तक पहुंचाया जा सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि जाखम बांध के कमांड क्षेत्र को बनास नदी के अधिशेष जल पर स्थानांतरित करने से करीब 125 एमसीयूएम अतिरिक्त जल की बचत होगी। इस जल को भी जयसमंद बांध में संग्रहित कर आगे बड़गांव बांध (मावली एवं भूपालसागर) तक पहुंचाया जा सकेगा, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा।
सांसद सी.पी. जोशी ने कहा कि इस परियोजना के लागू होने से उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी, हजारों हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और कृषि उत्पादन के साथ क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी।
उन्होंने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री से जनहित और किसान हित को देखते हुए इस महत्वाकांक्षी परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया।