चित्तौड़गढ़। पुलिस मुख्यालय राजस्थान एवं पुलिस महानिरीक्षक उदयपुर रेंज के निर्देशानुसार जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत चित्तौड़गढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सदर एवं भदेसर थाना पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए एक ओर जहां तीन वर्षों से फरार चल रहे टॉप-10 वांछित एनडीपीएस आरोपी को गिरफ्तार किया, वहीं दूसरी कार्रवाई में अफीम तस्करी प्रकरण में संलिप्त पाए गए विधि से संघर्षरत बाल अपचारी को डिटेन किया है।
सदर थाना पुलिस की कार्रवाई, तीन साल से फरार गांजा तस्कर गिरफ्तार
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के निर्देशानुसार एनडीपीएस एक्ट के लंबित प्रकरणों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत सदर थाना पुलिस ने वर्ष 2024 में 42 किलो गांजा बरामदगी के मामले में फरार चल रहे थाना के टॉप-10 वांछित आरोपी राजू जटिया पिता खेमराज जटिया (26 वर्ष), निवासी सुरपुर थाना कपासन, जिला चित्तौड़गढ़ को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी प्रकरण दर्ज होने के बाद से फरार चल रहा था और हैदराबाद में आइसक्रीम का व्यवसाय कर रहा था। पुलिस को उसके राजस्थान आने की सूचना मिली, जिस पर गठित टीम ने तकनीकी जानकारी एवं मुखबिर सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस आरोपी से गांजा तस्करी नेटवर्क और उसके अन्य सहयोगियों के संबंध में पूछताछ कर रही है।
पुलिस टीम:
पुलिस निरीक्षक प्रेम सिंह, एएसआई सुरेंद्र सिंह, कांस्टेबल डूंगर सिंह, नरेंद्र सिंह एवं पुष्पेंद्र सिंह शामिल रहे।
भदेसर थाना पुलिस ने अफीम तस्करी मामले में बाल अपचारी को किया डिटेन
भदेसर थाना पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के एक पुराने प्रकरण में अनुसंधान के दौरान कार्रवाई करते हुए एक विधि से संघर्षरत बाल अपचारी को डिटेन किया है।
पुलिस के अनुसार 7 मार्च 2026 को उदयपुर-चित्तौड़गढ़ हाईवे पर नाकाबंदी के दौरान गोवर्धनलाल जाट एवं मदनलाल जाट निवासी हाज्याखेड़ी, थाना भदेसर के कब्जे से 5 किलो 113 ग्राम अवैध अफीम बरामद की गई थी। मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था।
अनुसंधान के दौरान इस प्रकरण में बाल अपचारी की संलिप्तता सामने आने पर पुलिस ने उसे विधिक प्रक्रिया के तहत डिटेन कर बाल सम्प्रेषण गृह, चित्तौड़गढ़ भेज दिया।
पुलिस द्वारा प्रकरण में शामिल अन्य व्यक्तियों एवं मादक पदार्थ तस्करी के नेटवर्क के संबंध में भी गहन अनुसंधान जारी है।