चित्तौड़गढ़। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर सेंती स्थित शांति भवन में चातुर्मासिक प्रवचन श्रृंखला का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर श्रमणसंघीय जैन सिद्धांताचार्य प्रतिभा श्रीजी मसा ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए गुरु के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि गुरु जीवन का सच्चा मार्गदर्शक होता है। गुरु के ज्ञान से अज्ञान का अंधकार दूर होता है और आत्मा में ज्ञान का दीप प्रज्ज्वलित होता है। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति के जीवन में गुरु का मार्गदर्शन होता है, वह कभी असफल नहीं होता।
सेंती श्रीसंघ के तत्वावधान में आयोजित चातुर्मासिक प्रवचन श्रृंखला के अंतर्गत आगामी चार माह तक प्रतिदिन सुबह 6ः30 बजे प्रार्थना, सुबह 8ः45 से 10 बजे तक प्रवचन, दोपहर में धर्म चर्चा तथा सायंकाल प्रतिक्रमण एवं नवकार मंत्र जाप सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सेंती श्रीसंघ अध्यक्ष अनिल कुमार पोखरना ने बताया कि इस अवसर पर जैन प्रार्थना, भक्ताम्बर स्तोत्र एवं मंत्रों से युक्त ‘श्री जैन दिवाकर श्रद्धा सिंधु’ पुस्तिका का विमोचन शिक्षाविद् डॉ. प्रो. आर.सी. जैन के सानिध्य में किया गया। विमोचन समारोह में संघ के संस्थापक अध्यक्ष लक्ष्मीलाल चंडालिया, कोषाध्यक्ष रतनलाल संचेती, लाभार्थी परिवार नवरत्न पटवारी, सुशील-संगीता चीपड़, प्रकाशचंद्र छाजेड़, महेंद्र-आशा जैन एवं प्रकाश नाहर सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
धर्मसभा के दौरान महिला मंडल की सदस्यों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों एवं साध्वीवृंद का अभिनंदन किया। कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ।