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July 31, 2026, 5:42 pm
KHABAR : सफलता की कहानी- पान की खेती से किसान ने लिखी समृद्धि की नई इबारत, 0.25 एकड़ में पान की खेती से सालाना 3 लाख रुपये की शुद्ध आय अर्जित कर रहे हैं यशवंत तम्बोली, पढ़े खबर 

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नीमच। मध्यप्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने तथा उद्यानिकी फसलों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किसानों को आधुनिक खेती, उन्नत तकनीकों एवं विभागीय मार्गदर्शन से जोड़ने पर विशेष बल दिया जा रहा है। इन्हीं प्रयासों का सकारात्मक परिणाम जिले के विकासखंड मनासा की तहसील कुकड़ेश्वर के किसान यशवंत आशाराम तम्बोली की सफलता के रूप में सामने आया है।

उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में तम्बोली ने मात्र 0.25 एकड़ भूमि में पान की खेती अपनाकर मालवा क्षेत्र की शुष्क जलवायु एवं पानी की कमी जैसी चुनौतियों को अवसर में बदल दिया। उन्होंने जैविक तरीकों एवं जीवामृत का उपयोग कर पान की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार किया, जिससे पत्तों का आकार बड़ा, चमकदार और आकर्षक हुआ है।

आज कुकड़ेश्वर का पान नीमच, मंदसौर सहित राजस्थान के चित्तौड़गढ़, उदयपुर एवं अन्य प्रमुख बाजारों तक पहुंच रहा है। सीधे थोक व्यापारियों को विक्रय होने से उन्हें प्रति पान एक से छह रुपये तक का मूल्य प्राप्त हो रहा है।

पान की खेती से तम्बोली को प्रतिवर्ष लगभग चार लाख रुपये की कुल आय प्राप्त होती है। करीब एक लाख रुपये का वार्षिक व्यय निकालने के बाद वे तीन लाख रुपये की शुद्ध आय अर्जित कर रहे हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि आधुनिक तकनीक, विभागीय सहयोग और नवाचार के माध्यम से सीमित संसाधनों में भी खेती को लाभकारी बनाया जा सकता है।

उद्यानिकी विभाग के अधिकारी समय-समय पर उनके खेत का भ्रमण कर तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करते हैं तथा अन्य किसानों को भी पान की वैज्ञानिक एवं लाभकारी खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

राज्य सरकार की तकनीक आधारित खेती एवं उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने की पहल ऐसे नवाचारों को नई दिशा दे रही है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी सशक्त हो रही है।

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