शाजापुर। थाना कोतवाली पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म के चर्चित मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए 10 हजार के इनामी मुख्य आरोपी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी ट्रक चालक को हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार कर शाजापुर लाया गया है।
पुलिस के अनुसार 15 जुलाई 2026 को एक महिला ने अपनी नाबालिग पुत्री के घर से लापता होने की रिपोर्ट थाना कोतवाली में दर्ज कराई थी। इस पर गुमशुदगी का मामला दर्ज कर तत्काल जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक घनश्याम मालवीय एवं एसडीओपी अजय कुमार मिश्रा के निर्देशन तथा थाना प्रभारी संतोष वाघेला के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस ने 24 घंटे के भीतर पीड़िता को सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि एक ट्रक चालक उसे बहला-फुसलाकर अपने ट्रक में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में आरोपी उसे पचौर के आगे अपने दो साथियों के पास छोड़ गया, जहां दोनों ने भी उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
पीड़िता के बयान के आधार पर प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 70(1), 115(2) सहित अन्य प्रासंगिक धाराएं बढ़ाई गईं।
सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से खुला राज-
पुलिस टीम ने घटनास्थल तक के मार्ग के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, बस चालकों व अन्य लोगों से पूछताछ की तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जिला राजगढ़ के पचौर क्षेत्र में वारदात स्थल की पहचान की।
पीड़िता की निशानदेही पर 18 जुलाई को आरोपी दिनेश दांगी एवं बाबू दांगी, निवासी जिला राजगढ़, को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि उनका परिचित ट्रक चालक विक्रम पाल पीड़िता को उनके पास छोड़कर गया था।
इसके बाद थाना कोतवाली पुलिस एवं शाजापुर साइबर सेल की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी विक्रम पाल पिता ईश्वर पाल को हरियाणा के फरीदाबाद से उसके आयशर ट्रक सहित गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर 10 हजार का इनाम घोषित था। उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।
इनकी रही सराहनीय भूमिका-
कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष वाघेला, उपनिरीक्षक राहुल पोरवाल, प्रधान आरक्षक प्रमोद नागर, राधिका सक्सेना, आरक्षक शिशुपाल गुर्जर, हेमराज, साइबर सेल प्रभारी प्रधान आरक्षक विकाश तिवारी, आरक्षक घनश्याम राजपूत एवं राजेश दांगी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।