झाबुआ। जिला मुख्यालय पर मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याएं एवं शिकायतें सुनीं। जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 47 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन की वास्तविक स्थिति का परीक्षण कर पात्रतानुसार गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ग्रामीणों ने भूमि और सड़क से जुड़ी समस्याएं रखीं-
ग्राम पंचायत धमोई के ग्रामवासियों ने धमोई छोटी एवं धमोई बड़ी के बीच स्थित पहाड़ी भूमि को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया। ग्रामीणों के अनुसार, इस भूमि का उपयोग लंबे समय से गाय एवं अन्य पशुओं को चराने के लिए किया जाता रहा है। ग्रामीणों ने भूमि के आवंटन पर आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग की। कलेक्टर ने संबंधित एसडीएम को प्रकरण की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
ग्राम जूनापानी के महुड़ाखो फलिया, मचार फलिया एवं सूली फलिया के निवासियों ने करीब 7 किलोमीटर लंबे कच्चे मार्ग की समस्या बताई। ग्रामीणों के अनुसार, मार्ग के करीब डेढ़ किलोमीटर हिस्से में बड़े-बड़े गड्ढे होने से ग्रामीणों, स्कूली बच्चों, एंबुलेंस सहित अन्य वाहनों के आवागमन में परेशानी होती है। ग्रामीणों ने मार्ग के डामरीकरण की मांग की। कलेक्टर ने संबंधित विभाग को प्रकरण का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
ग्राम खेड़ा तहसील झाबुआ निवासी शंकर पिता लाला मेड़ा एवं अन्य ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत खेड़ा के मेलिया से मोजाल होते हुए मुंडत मंदिर तक करीब 6 किलोमीटर मार्ग पर आवागमन की समस्या बताई। ग्रामीणों ने कहा कि बारिश के दौरान मार्ग पर कीचड़ होने से आवागमन प्रभावित होता है। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नवीन सड़क निर्माण की मांग की।
पट्टे और भूमि विवाद से जुड़े आवेदन भी पहुंचे-
ग्राम गोमलीसात, मोरझरी तहसील थांदला निवासी कसुवा पिता रंगजी डामोर ने शासकीय भूमि के पट्टे से संबंधित विवाद को लेकर आवेदन दिया। उन्होंने संबंधित पट्टा निरस्त कर भूमि का कब्जा वापस दिलाने की मांग की। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी को दस्तावेजों एवं तथ्यों का परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
ग्राम रल्यावन, तहसील पेटलावद निवासी नराण पिता विजयसिंह खराड़ी ने पट्टे की भूमि पर अन्य व्यक्तियों द्वारा कब्जे के प्रयास और विवाद की शिकायत की। कलेक्टर ने संबंधित एसडीएम को प्रकरण की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
ग्राम दुधी, तहसील रामा निवासी थावरिया पिता नाना मेड़ा ने साहूकार के पास रखे चांदी के जेवरात वापस नहीं मिलने को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदक के अनुसार, संबंधित साहूकार की मृत्यु के बाद उसके पुत्र द्वारा जेवरात वापस नहीं किए जा रहे हैं। कलेक्टर ने संबंधित एसडीएम को मामले की जांच कर नियमानुसार निराकरण के निर्देश दिए।
आवेदनों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश-
कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने कहा कि जनसुनवाई नागरिकों की समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम है। अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का केवल औपचारिक निराकरण करने के बजाय संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ प्रत्येक प्रकरण का परीक्षण करना चाहिए। पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ अनावश्यक विलंब के बिना उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने आवेदनों पर की जा रही कार्रवाई की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा आवेदकों को उनके प्रकरण में की गई कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश भी दिए।
जनसुनवाई के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जितेंद्र सिंह चौहान, अपर कलेक्टर सी.एस. सोलंकी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।