नीमच। नीमच मेडिकल कॉलेज को लेकर पिछले दिनों बनी असमंजस की स्थिति पर अब शासन ने तस्वीर साफ कर दी है। राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि राज्य शासन द्वारा निर्मित अथवा राज्य के मद से निर्माणाधीन चिकित्सा महाविद्यालयों का संचालन एवं संधारण सरकार द्वारा ही किया जाएगा। इन्हें PPP (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर संचालन के लिए नहीं दिया जाएगा।
शासन के इस स्पष्टीकरण के बाद नीमच मेडिकल कॉलेज को लेकर चल रही PPP मॉडल की आशंकाओं पर फिलहाल विराम लग गया है। दरअसल, सितंबर में मेडिकल कॉलेज को PPP मॉडल पर संचालित किए जाने की चर्चा के बाद छात्रों, डॉक्टरों और कर्मचारियों की ओर से इस व्यवस्था को लेकर चिंता जताई गई थी। 24 सितंबर को मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर भी अपनी आपत्ति और मांग रखी थी।
विधायक ने मुख्यमंत्री के सामने उठाया था मुद्दा-
PPP मॉडल की चर्चा के बीच नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नीमच दौरे के दौरान मेडिकल कॉलेज को PPP मॉडल पर नहीं देने और सरकारी स्तर पर ही संचालित करने की मांग रखी थी। विधायक परिहार ने मुख्यमंत्री के सामने इस मुद्दे को उठाने की बात सार्वजनिक रूप से कही थी।
अब शासन के स्पष्टीकरण के बाद मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों और स्टाफ ने विधायक दिलीप सिंह परिहार का पुष्पहार एवं पुष्पगुच्छ से स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल और विधायक परिहार के प्रति आभार जताया गया।
अब सरकारी व्यवस्था में संचालन पर जोर-
शासन के स्पष्टीकरण के बाद नीमच मेडिकल कॉलेज के संचालन को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। अब कॉलेज में चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, डॉक्टरों एवं फैकल्टी की उपलब्धता, उपकरणों और जांच सुविधाओं को मजबूत करने पर ध्यान रहेगा।
नीमच मेडिकल कॉलेज को लेकर PPP मॉडल की चर्चा के बाद छात्रों, फैकल्टी और कर्मचारियों की ओर से उठाई गई चिंताओं के बीच आया यह स्पष्टीकरण कॉलेज के भविष्य के संचालन को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।