उज्जैन। शहर के शासकीय माधव कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में शुक्रवार को उस वक्त भारी हंगामा हो गया, जब गणेश प्रतिमा विसर्जन और आरती को लेकर छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) और कॉलेज प्रशासन आमने-सामने आ गए। परिसर में घंटों चले इस ‘हाई-वोल्टेज ड्रामे’ के दौरान आक्रोशित छात्रों ने प्राचार्या की टेबल पर लड्डू का भोग रखकर उनकी प्रतीकात्मक आरती उतारी। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
ढोल-डीजे की अनुमति से इनकार
पूरा विवाद 11 दिनों तक कॉलेज परिसर में स्थापित गणपति की पूजा-अर्चना के बाद विसर्जन और महाआरती को लेकर शुरू हुआ। एनएसयूआई पदाधिकारियों का आरोप है कि अनंत चतुर्दशी पर महाआरती के दौरान जब ढोल-डीजे की अनुमति मांगी गई, तो प्राचार्या डॉ. कल्पना सिंह ने कलेक्टर के आदेश का हवाला देकर इनकार कर दिया और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष हिमांशु शुक्ला का आरोप है कि मीटिंग का बहाना बनाकर उन्हें बाहर रोक दिया गया और गुपचुप तरीके से एबीवीपी (ABVP) के पदाधिकारियों को अंदर बुलाकर गणेश जी की आरती करवा दी गई।
प्रतिमा का चुपचाप विसर्जन करवा दिया
इस घटना से भड़के छात्रों ने आरोप लगाया कि विवाद बढ़ता देख कॉलेज प्रशासन ने आनन-फानन में गणेश प्रतिमा को मौके से गायब कर चुपचाप विसर्जन भी करवा दिया। कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर छात्र नेता अखिलेश अस्तेय और रोहित लश्करी सहित कार्यकर्ताओं ने अनोखा विरोध दर्ज कराया। छात्रों ने प्राचार्या डॉ. कल्पना सिंह की टेबल पर लड्डू की ट्रे रखी, उन्हें भोग लगाया और आरती उतारकर ज्ञापन सौंपा।
अनुशासन समिति का गठन कर मामले की निष्पक्ष जांच
जिलाध्यक्ष हिमांशु शुक्ला ने कहा कि लोकमान्य तिलक ने देश में एकता के लिए गणेशोत्सव शुरू किया था, लेकिन कॉलेज प्रशासन तानाशाही और गुलामी की मानसिकता से धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ कर रहा है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि अनुशासन समिति का गठन कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी।