BREAKING NEWS
NEWS : जोगणिया माताजी धाम पर स्वीप गतिविधियों के.. <<     NEWS : सरकारी नौकरी और प्रतियोगी परीक्षाओं की.. <<     KHABAR : शामगढ़ में बच्चों के अधिकारों की गूंज,.. <<     BIG NEWS : दीपावली से पहले कलेक्टर डॉ. योगेश.. <<     KHABAR : आगामी त्यौहारों/पर्वाे के दौरान कानून.. <<     NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     NEWS : गंभीरी नदी के पावन तट पर सजेगा भक्ति और.. <<     KHABAR : पेंसिल पैकिंग बिजनेस के नाम पर 33 हजार की.. <<     BIG NEWS : गांधी सागर में प्रस्तावित कैबिनेट बैठक.. <<     KHABAR : खाद्य पदार्थों की शुद्धता से लेकर शहरों.. <<     BIG REPORT : नीमच कलेक्ट्रेट में लगी फरियादियों की.. <<     KHABAR : रूप चतुर्दशी से गर्म जल से स्नान करेंगे.. <<     KHABAR : नरसिंहपुर में मिड-डे मील खाने के बाद.. <<     KHABAR : आज पानी बचाने की तैयारी, कल मिलेगी राहत,.. <<     REPORT : वर्षों से श्मशान जाने के रास्ते पर उलझे.. <<     NEWS : जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला पुलिस.. <<     शाजापुर में भीषण सड़क हादसा: तेज रफ्तार.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
September 26, 2026, 2:38 pm
KHABAR : नगर निकाय चुनाव से पहले सरकार ने बढ़ाई जमानत राशि, महापौर पद के लिए 32 हजार, नपा अध्यक्ष के लिए 24 हजार जमा करनी होगी सिक्योरिटी डिपॉजिट, पढे़ खबर

Share On:-

भोपाल। महापौर, नगरपालिका अध्यक्ष और पार्षद का चुनाव लड़ने वालों को अब सिक्योरिटी डिपॉजिट (जमानत राशि) के रूप में ज्यादा रकम जमा करनी होगी। अगले साल होने वाले नगरीय निकाय चुनाव से पहले राज्य सरकार ने महापौर के लिए जमानत राशि 32 हजार रुपए कर दी है, जबकि नपा अध्यक्ष का चुनाव लड़ने वालों को 24 हजार रुपए जमा करने होंगे।

इसके साथ ही नामांकन जमा करने की समय-सीमा में भी बदलाव किया गया है। अब यह अवधि सात दिन से कम नहीं होगी। सातवें दिन अवकाश होने पर अगले कार्यदिवस तक नामांकन जमा किए जा सकेंगे। चुनावी खर्च का हिसाब रखने और प्रस्तुत करने के नियम भी स्पष्ट किए गए हैं।

नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने मध्यप्रदेश नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 में संशोधन किया है। राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष और नगर परिषद अध्यक्ष के निर्वाचन, नामांकन, जमानत राशि, चुनावी खर्च और पद से वापस बुलाने की प्रक्रिया से जुड़े नियमों में बदलाव किया है।

महापौर, अध्यक्ष और पार्षद पद के उम्मीदवारों के चुनाव खर्च के लिए अलग बैंक खाता खोलने और निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत करने से संबंधित प्रावधान भी किए गए हैं।

नामांकन के लिए सात दिन से कम की समय-सीमा नहीं
संशोधित नियमों के अनुसार महापौर, अध्यक्ष या किसी वार्ड के पार्षद के निर्वाचन के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख, समय और स्थान निर्धारित किया जाएगा। इसकी सूचना प्रकाशित होने के सातवें दिन को नामांकन की अंतिम तारीख माना जाएगा। यदि सातवां दिन सार्वजनिक अवकाश है तो उसके अगले कार्यदिवस को अंतिम तारीख माना जाएगा।

एक पद के लिए एक से अधिक नामांकन स्वीकार नहीं होंगे
एक ही पद के निर्वाचन के लिए किसी प्रत्याशी की ओर से दो या अधिक नामांकन-पत्र प्रस्तुत किए जाने पर एक से अधिक नामांकन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। निर्वाचन अधिकारी अतिरिक्त नामांकन-पत्र स्वीकार नहीं करेगा।

चुनावी खर्च के लिए अलग बैंक खाता जरूरी
महापौर, नपा और नपं अध्यक्ष तथा पार्षद पद के उम्मीदवारों को चुनाव से संबंधित सभी आय-व्यय का रिकॉर्ड रखने के लिए किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में अलग और स्वतंत्र खाता खोलना होगा। नामांकन-पत्र पेश करते समय इस खाते की जानकारी रिटर्निंग ऑफिसर को देनी होगी। चुनाव से संबंधित प्राप्तियों और खर्च का पूरा विवरण इसी खाते के माध्यम से रखना होगा।

नामांकन से मतगणना तक के खर्च का देना होगा हिसाब
उम्मीदवारों को निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। इसमें नामांकन-पत्र दाखिल करने की तारीख से लेकर मतगणना की तारीख तक किया गया संबंधित चुनावी खर्च शामिल होगा। निर्धारित समय में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने पर उम्मीदवार के खिलाफ अयोग्यता की कार्रवाई हो सकती है।

महापौर-अध्यक्ष को पद से वापस बुलाने की प्रक्रिया भी शामिल
संशोधित नियमों में महापौर और अध्यक्ष को पद से वापस बुलाने की प्रक्रिया भी शामिल की गई है। मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1956 और मध्यप्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1956 के संबंधित प्रावधानों के तहत राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा तय प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

यदि महापौर, अध्यक्ष या पार्षद का पद मृत्यु, त्यागपत्र, निर्वाचन रद्द होने या अन्य कारण से रिक्त होता है, तो इसकी सूचना निर्धारित समय-सीमा में जिला निर्वाचन अधिकारी को देनी होगी।

चुनावी खर्च का हिसाब नहीं दिया तो हो सकती है कार्रवाई
यदि कोई उम्मीदवार निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करता है या निर्धारित अवधि में खर्च का हिसाब देने में विफल रहता है, तो राज्य निर्वाचन आयोग उसे निर्धारित अवधि के लिए संबंधित पद का चुनाव लड़ने से निरर्हित कर सकता है।

खर्च से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित रखने होंगे
महापौर, अध्यक्ष और पार्षद पद के उम्मीदवारों को चुनाव से संबंधित खर्च का पूरा हिसाब और आवश्यक दस्तावेज सुरक्षित रखने होंगे। अलग बैंक खाते की व्यवस्था से निर्वाचन व्यय से जुड़ी प्राप्तियों और खर्च का रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने का प्रावधान किया गया है।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE