निंबाहेड़ा। गणेशोत्सव के अंतिम दिन विसर्जन के दौरान दो अलग-अलग हादसों में दो युवाओं की मौत के बाद निंबाहेड़ा में शोक और आक्रोश का माहौल है। इसी को लेकर नगर कांग्रेस ने नगर परिषद की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों एवं पदाधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, विसर्जन के दौरान दो अलग-अलग घटनाओं में महावीर सिंह और ओमप्रकाश कुमावत की मौत हुई।
नगर कांग्रेस अध्यक्ष बंशीलाल राईवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा बोर्ड के गठन के बाद गणेशोत्सव उसकी पहली बड़ी परीक्षा थी, लेकिन विसर्जन व्यवस्था को लेकर पर्याप्त तैयारी नहीं की गई। उन्होंने कहा कि उत्सव के दौरान कई स्थानों पर कचरा और गंदगी की समस्या भी रही। कांग्रेस का आरोप है कि नगर परिषद की व्यवस्थाओं को लेकर श्रद्धालुओं में नाराजगी रही।
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सुभाषचंद्र शारदा ने कहा कि पूर्व में प्रशासन के साथ मिलकर गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए स्थान पहले से चिन्हित किए जाते थे तथा सुरक्षा के लिए गोताखोर, लाइफ जैकेट और अन्य संसाधनों की व्यवस्था रहती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार विसर्जन से पहले तक उपयुक्त स्थान को लेकर स्पष्ट व्यवस्था नहीं थी।
विसर्जन स्थलों की व्यवस्था पर सवाल-
नगर कांग्रेस संगठन महासचिव रविप्रकाश सोनी ने आरोप लगाया कि उपयुक्त विसर्जन स्थल समय पर चिन्हित नहीं होने से श्रद्धालु अलग-अलग स्थानों पर विसर्जन के लिए जाते रहे। कांग्रेस ने अंबामाता के पीछे स्थित खदान और सिद्धि विनायक कॉलोनी के पास जलभराव वाले स्थान का उल्लेख करते हुए कहा कि इन्हीं स्थानों पर हुई घटनाओं में दो युवाओं की जान गई।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि प्रशासन को विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने चाहिए थे। उन्होंने गोताखोरों की तैनाती, लाइफ जैकेट और बचाव उपकरणों की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए।
जिम्मेदारी तय करने की मांग-
कांग्रेस पार्षद दल ने आरोप लगाया कि बोर्ड के गठन के बाद नगर परिषद का ध्यान जनहित की व्यवस्थाओं के बजाय अन्य गतिविधियों पर अधिक रहा। पार्षदों ने कहा कि विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं को ऐसे स्थानों पर भी जाना पड़ा, जहां जलस्रोतों में गंदे नालों का पानी मिलने की शिकायत है।
कांग्रेस पार्षद दल ने जिला प्रशासन से मांग की कि विसर्जन व्यवस्था में यदि किसी अधिकारी या जिम्मेदार पदाधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर नगर परिषद या भाजपा पक्ष की प्रतिक्रिया इस बयान में उपलब्ध नहीं है।