नीमच। कमीशन वृद्धि सहित विभिन्न मांगों के निराकरण को लेकर महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित उचित मूल्य दुकानों की विक्रेताओं ने प्रदेशव्यापी आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। महिला स्वयं सहायता समूह संगठन मध्यप्रदेश की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती माया मनोहर बैरागी ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि संगठन द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में संयुक्त रूप से मांगों को लेकर ज्ञापन एवं आंदोलन की तैयारी की जा रही है।
माया मनोहर बैरागी ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से महिला स्वयं सहायता समूहों को उचित मूल्य दुकानों के संचालन की जिम्मेदारी दी गई है। संगठन का कहना है कि दुकान संचालन के लिए निर्धारित कमीशन वर्तमान में संचालन से जुड़े खर्चों की तुलना में पर्याप्त नहीं है।
कमीशन घटने से आर्थिक परेशानी का दावा-
संगठन के अनुसार, महिला समूहों को उचित मूल्य दुकानें आवंटित किए जाने के समय 10,500 रुपए प्रतिमाह कमीशन निर्धारित होने की जानकारी दी गई थी। संगठन का आरोप है कि बाद में कमीशन में कटौती कर 200 से अधिक राशन कार्ड वाली दुकानों के लिए करीब 8,500 रुपए तथा 200 से कम राशन कार्ड वाली दुकानों के लिए करीब 5,500 रुपए प्रतिमाह कर दिया गया।
संगठन का कहना है कि राशन दुकान संचालन में किराया, बिजली बिल, स्टेशनरी, उपकरणों की देखरेख सहित अन्य खर्च भी जुड़े हैं। ऐसे में कमीशन में वृद्धि किए जाने की आवश्यकता है।
महिला पीडीएस विक्रेताओं की प्रमुख मांगें
संगठन ने उचित मूल्य दुकानों से संबंधित कई मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख रूप सेकृ
उचित मूल्य दुकान का कमीशन पुनः 10,500 रुपए प्रतिमाह किए जाने के साथ उसमें उचित वृद्धि की जाए।
सेवा सहकारी समितियों के विक्रेताओं को घोषित अतिरिक्त कमीशन का लाभ महिला स्वयं सहायता समूहों की पीडीएस विक्रेताओं को भी दिया जाए।
राशन प्राप्त करने एवं वितरण के दौरान होने वाली घटती की समस्या का उचित समाधान कर निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए।
प्रत्येक राशन दुकान पर सहायक तौलकर्मी की व्यवस्था कर उसके लिए अलग से मानदेय निर्धारित किया जाए।
राशन दुकान का किराया, बिजली बिल एवं आवश्यक स्टेशनरी का खर्च उपलब्ध कराया जाए।
पॉस मशीन, स्कैनर, बैटरी, चार्जर सहित अन्य उपकरण खराब होने पर उनकी मरम्मत अथवा बदलने का खर्च शासन द्वारा वहन किया जाए।
राशन वितरण के दौरान होने वाली सर्वर एवं नेटवर्क संबंधी समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
आवश्यकतानुसार उचित मूल्य दुकानों पर निःशुल्क वाई-फाई अथवा इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
महिला पीडीएस विक्रेताओं को कमीशन का भुगतान नियमित रूप से समय पर किया जाए।
55 जिलों में सौंपा जाएगा ज्ञापन
प्रदेश अध्यक्ष माया मनोहर बैरागी ने बताया कि मांगों के निराकरण को लेकर मध्यप्रदेश के 55 जिलों में संयुक्त संगठन द्वारा मुख्यमंत्री एवं खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
संगठन का कहना है कि महिला पीडीएस विक्रेता सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन दुकानों का संचालन जिम्मेदारी से कर रही हैं। ऐसे में उनकी समस्याओं का समयबद्ध एवं सकारात्मक समाधान किया जाना आवश्यक है।
मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन की चेतावनी-
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 1 अक्टूबर 2026 से 10 अक्टूबर 2026 तक राशन वितरण बंद रखते हुए पॉस मशीनें बंद करने और धरना देने का आंदोलन किया जाएगा।
संगठन ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य अपनी मांगों का निराकरण एवं महिला पीडीएस विक्रेताओं के आर्थिक हितों की रक्षा करना है। संगठन के अनुसार, उसका उद्देश्य शासन के खिलाफ जाना नहीं, बल्कि समस्याओं का समाधान करवाना है।
उक्त जानकारी महिला स्वयं सहायता समूह संगठन, जिला नीमच की जिला अध्यक्ष श्रीमती माया पाटीदार ने दी।