जावद। जावद जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत सरोदा में शासकीय निर्माण कार्यों और प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित अनियमितताओं को लेकर ग्राम सरोदा, चड़ोल एवं जैतपुरा के ग्रामीणों ने शिकायत की है। ग्रामीणों ने कलेक्टर नीमच के नाम जिला पंचायत सीईओ को छह पन्नों की शिकायत सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि मामले की जांच ग्राम पंचायत स्तर पर न कराकर स्वतंत्र तकनीकी एवं वित्तीय टीम से कराई जाए। शिकायत की प्रतिलिपि जनपद सीईओ जावद तथा विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त संगठन उज्जैन संभाग को भी भेजी गई है।
सीसी सड़कों की गुणवत्ता पर उठाए सवाल-
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत क्षेत्र में कुछ निर्माण कार्यों में स्वीकृत मापदंडों के अनुरूप काम नहीं हुआ। शिकायत में ग्राम चड़ोल में स्कूल से मेन रोड की ओर बनने वाली सीसी सड़क, जिसकी लागत 5.17 लाख रुपए बताई गई है, में 8 इंच के स्थान पर करीब 2 इंच सीसी निर्माण किए जाने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क करीब तीन माह में क्षतिग्रस्त हो गई।
इसी तरह चड़ोल स्कूल से आदिवासी बस्ती की ओर बनने वाली करीब 4.99 लाख रुपए लागत की सीसी सड़क में भी 8 इंच के स्थान पर 2 इंच निर्माण किए जाने और करीब छह माह में सड़क क्षतिग्रस्त होने का आरोप लगाया गया है।
शिकायत में देवीलाल के मकान से पुलिया तक 4.52 लाख रुपए तथा बाबूलाल के मकान से पुलिया तक 1.93 लाख रुपए की लागत से हुए कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए हैं।
बिना काम राशि निकालने के आरोप-
ग्रामीणों ने कुछ कार्यों में निर्माण कार्य पूरा हुए बिना राशि आहरित किए जाने का आरोप भी लगाया है। शिकायत में जैतपुरा तालाब के पास चरागाह विकास कार्य की 8 लाख रुपए लागत, सरोदा पावर हाउस के पास नाले पर 1.55 लाख रुपए के गेबियन चेकडैम, चड़ोल के स्वच्छता परिसर पर 3.43 लाख रुपए तथा सरोदा पंचायत भवन के लिए स्वीकृत 20 लाख रुपए में से 10 लाख रुपए की राशि निकाले जाने के बावजूद निर्माण अधूरा रहने का उल्लेख किया गया है।
इसके अलावा खेल मैदान, सर्वे क्रमांक 544 के लिए 1.50 लाख रुपए की राशि निकाले जाने के बावजूद मौके पर काम नहीं होने तथा 2.66 लाख रुपए लागत के विद्युतीकरण कार्य में गुणवत्ताहीन बल्ब लगाए जाने का आरोप लगाया गया है।
पीएम आवास योजना में भी गड़बड़ी का आरोप-
ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के कुछ प्रकरणों में भी अनियमितता का आरोप लगाया है। शिकायत में रामेश्वरदास बैरागी, चांदमल बंजारा तथा बदु बाई पति सोहनलाल भील के आवासों से संबंधित राशि का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि राशि आहरित होने के बावजूद आवासों का निर्माण नहीं हुआ।
एमबी, बिल-वाउचर और बैंक रिकॉर्ड की जांच की मांग-
शिकायतकर्ताओं ने सरपंच कालूराम-मागीलाल धाकड़, सरपंच पुत्र निलेश धाकड़, इंजीनियर राजेंद्र सिंह तंवर, तत्कालीन सचिव जगदीश धाकड़ तथा असिस्टेंट इंजीनियर महादेव कौशल की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि माप पुस्तिका (एमबी) में गलत माप दर्ज कर भुगतान कराया गया।
ग्रामीणों ने मांग की है कि सभी कार्यों का मौके पर वास्तविक माप कराया जाए और उसे माप पुस्तिका, बिल-वाउचर, बैंक रिकॉर्ड तथा जियो-टैग फोटो से मिलान किया जाए। साथ ही पीएम आवास हितग्राहियों के खातों की भी जांच कराई जाए। शिकायतकर्ताओं ने कहा है कि जांच में अनियमितता या भ्रष्टाचार प्रमाणित होने पर संबंधित मामले लोकायुक्त को भेजे जाएं तथा दोषियों से राशि की वसूली कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।